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Bihar Assembly election, 2020: सुरसंड में क्या RJD की होगी सत्ता में वापसी?

सुरसंड विधानसभा से अबू दोजाना विधायक हैं. 2015 के चुनाव में इन्हें निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार से कड़ी टक्कर मिली थी. राष्ट्रीय जनता दल की पकड़ इस विधानसभा बेहद मजबूत मानी जा रही है.

RJD विधायक अबू दोजाना (फाइल फोटो क्रेडिट- फेसबुक) RJD विधायक अबू दोजाना (फाइल फोटो क्रेडिट- फेसबुक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुरसंड से आरजेडी के अबू दोजाना हैं विधायक
  • बैडमिंटन और क्रिकेट के हैं शौकीन
  • कंस्ट्रक्शन कारोबार में चर्चित है अबू दोजाना का नाम

सुरसंड विधानसभा क्षेत्र के विधायक राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) के सैयद अबू दोजाना हैं. यह विधानसभा क्षेत्र सीतामढ़ी लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. विकास इस विधानसभा का प्रमुख चुनावी मुद्दा भी है. हाल ही में विधायक अबू दोजाना जनसंपर्क में गए थे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एंट्री रोक दी थी. ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद वे लौट गए थे. ऐसे माहौल में 2020 के विधानसभा चुनावों में भी विकास इस क्षेत्र का बड़ा मुद्दा रहने वाला है. इस सीट पर अब तक कुल 15 चुनाव और एक उपचुनाव हुए हैं. 

इस सीट पर इस बार कड़ा मुकाबला होने वाला है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) बनाम महागठबंधन की लड़ाई है. एनडीएम में जनता दल(यूनाइटेड), भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और लोक जनशक्ति पार्टी(लोजपा) जैसी पार्टियां हैं, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी), कांग्रेस और वाम दल हैं. देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस बार आरजेडी अपना सीट बचाने में कामयाब हो पाती है या नहीं.

2015 का चुनाव

साल 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी प्रत्याशी अबू दोजाना ने निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार को चुनाव में मात दी थी. अबू दोजाना को जहां 52,857 वोट मिले थे, वहीं अमित कुमार को 29,623 मत हासिल हुए थे. इससे पहले 2010 के विधानसभा चुनाव में जनता दल(यूनाइटेड) के शाहिद अली खान को जीत मिली थी. उन्होंने आरजेडी उम्मीदवार जयनंदन प्रसाद यादव को मात दी थी. 

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सुरसंड विधानसभा बिहार की सबसे पुरानी विधानसभाओं में से एक है. बिहार की 243 विधानसभाओं में से एक सुरसंड विधानसभा क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ रहा है. 1957 से लेकर 1990 तक इस सीट पर कांग्रेस का एकाधिकार रहा. 1995 में यह सीट कांग्रेस के हाथ से चली गई थी.

जनता दल के नगेंद्र प्रसाद यादव ने कांग्रेस के रविंद्र प्रसाद साही को चुनावी समर में पटखनी दी थी. उसके बाद से ही यह सीट कांग्रेस की सहयोगी पार्टियों के हाथ तो रही लेकिन कांग्रेस को यहां से कोई उम्मीदवार नहीं मिला. पहली बार इस सीट पर 1951 में वोटिंग हुई थी. यह पार्टी कभी कांग्रेस, कभी जेडीयू तो कभी आरजेडी के पाले में जाती रही है. इस सीट पर बीजेपी को कभी जीत हासिल नहीं हुई है.

सामाजिक ताना बाना

सीतामढ़ी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,68,833 मतदाता हैं. विधानसभा में कुल 1,41,195 पुरुष और 1,27,635 महिलाएं हैं.

विधायक के बारे में

सैयद अबू दोजाना का जन्म 15 अप्रैल 1965 को पटना के फुलवारीशरीफ में हुआ था. अबू दोजाना बिहार के बड़े कंस्ट्रक्शन कारोबारियों में से एक हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इन्होंने बीटेक कर रखा है. इनकी कंपनी का नाम मेरिडियन कंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) लिमिटेड है. साल 2009 में इन्होंने एंट्री ली और देखते-देखते लालू यादव के करीबी नेताओं में गिने जाने लगे. व्यावसायिक काम से जर्मनी और पेरिस जैसे देशों का दौरा भी कर चुके हैं. अबू दोजाना को क्रिकेट और बैडमिंटन प्रेमी के तौर पर खुद को पेश करते हैं.

कौन-कौन लड़ रहा है चुनाव?

सुरसंड विधानसभा सीट पर एनडीए बनाम महागठबंधन की लड़ाई है. इस सीट पर फिलहाल आरजेडी का कब्जा बना हुआ है. सैय्यद अबु दुजाना विधायक हैं और वे फिर से इसी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने एनडीए की ओर से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी दिलीप राय हैं. लोक जन शक्ति पार्टी की ओर से अमित चौधरी, जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) से सुरेश महतो, भारतीय गरीब मजदूर पार्टी से सुनील कुमार हैं. वहीं सोशल मीडिया पर चर्चित पार्टी दी प्लूरल्स पार्टी की ओर से संतोष कुमार गुप्ता भी चुनाव लड़ रहे हैं. मुख्य मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन में ही है.

कब है चुनाव?

तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर चुनाव होना तय है. सुरसंड विधानसभा सीट पर भी तीसरे चरण में ही चुनाव होगा. इसके लिए 13 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया. इस सीट पर 20 अक्टूबर को नामांकन की आखिरी तारीख थी. 23 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 7 नवंबर को यहां वोट डाले जाएंगे और 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे.

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