
नवादा जिले की गोविंदपुर विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय जनता दल ने शानदार जीत हासिल की है. यहां पर आरजेडी के मोहम्मद कामरान ने जेडीयू की पूर्णिमा यादव को 33074 वोटों से मात दी है. गोविंदपुर विधानसभा सीट पर पहले चरण में मतदान हुआ था. इस दौरान 50.37 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे.
यहां आरजेडी के मोहम्मद कामरान को 79557 वोट मिले, जबकि जेडीयू की पूर्णिमा 46483 मत प्राप्त हुए. वहीं अगर बिहार के अंतिम नतीजों की बात करें तो नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार 243 में से 125 सीटों पर विजयी रहे हैं. यह बहुमत के लिए जरूरी 122 के जादुई आंकड़े से तीन अधिक है. जबकि आरजेडी की अगुवाई वाले विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटों पर जीत मिली है.
कौन- कौन थे मैदान में?
लोक जनशक्ति पार्टी- रंजीत प्रसाद यादव
बहुजन समाज पार्टी- बिशुन देव यादव
जनता दल यूनाइटेड- पूर्णिमा यादव
राष्ट्रीय जनता दल- मोहम्मद कामरान

कब हुआ था चुनाव?
पहला चरण – 28 अक्टूबर, 2020
नतीजा – 10 नवंबर, 2020
गोविंदपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास
गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र में 1967 में पहला चुनाव हुआ, जहां से कांग्रेस के अमृत प्रसाद जीते. दो साल बाद 1969 में फिर चुनाव हुआ. इस बार गोविंदपुर की सियासत में लोकतांत्रिक कांग्रेस से युगल किशोर सिंह यादव की इंट्री हुई, जिन्होंने कांग्रेस के ही अमृत प्रसाद को मात्र 744 वोटों से मात दी. 1972 में कांग्रेस के अमृत प्रसाद फिर जीते. 1977 में जनता पार्टी के भत्तू महतो जीते. इसके बाद युगल किशोर सिंह यादव की पत्नी गायत्री देवी ने राजनीति में एंट्री की.
1980, 1985 और 1990 के चुनाव में गायत्री देवी, कांग्रेस के टिकट पर लड़ीं और जीतीं. 1995 में जनता दल के केबी प्रसाद जीतने में कामयाब हुए. 2000 के चुनाव में फिर गायत्री देवी ने वापसी की और राजद के टिकट पर जीतीं. 2005 में कौशल यादव निर्दलीय और उनकी मां गायत्री देवी आमने-सामने थीं. कौशल यादव ने मां को हराया. 2010 में कौशल यादव ने जदयू का दामन थामा और एक बार फिर वहां से विधायक बने. 2015 में कौशल यादव ने अपनी पत्नी पूर्णिमा यादव को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाया और वे विधायक बनीं.