
बाबूबरही विधानसभा सीट, बिहार की 243 विधानसभाओं में से एक है. यह सीट मधुबनी जिले के अंतर्गत आती है. इस सीट का लोकसभा क्षेत्र झंझरपुर है. इस विधानसभा का सीट क्रमांक 34 है. जनता दल यूनाइटेड के दिग्गज नेता और बिहार पंचायती राज मंत्री कपिल देव कामत यहां से विधायक थे. 16 अक्टूबर को उनका निधन हो गया. वहीं अब बाबूबरही से जेडीयू की मीना कुमारी को जीत मिली है. उन्होंने 77367 वोट हासिल किए. वहीं आरजेडी के उमाकांत यादव को 65879 वोट हासिल हुए.
यह सीट जेडीयू के दबदबे वाली सीट है. कपिल देव कामत, इस सीट के जनप्रिय नेता रहे. मधुबनी जिले के अंतर्गत कुल 10 विधानसभाएं आती हैं. हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झांझरपुर, फुलपरास और लौखहा. बाबूबरही विधानसभा में 7 नवंबर को तीसरे चरण के तहत वोटिंग हुई. तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए थे. बाबूबरही सीट पर कुल 60.64% फीसदी लोगों ने वोट किया है.

2015 का चुनाव
2015 के चुनाव में इस विधानसभा सीट से महागठबंधन बनाम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन(एनडीए) की लड़ाई थी. कपिल देव कामत तब महागठबंधन का हिस्सा थे और उन्होंने एनडीए प्रत्याशी बिनोद कुमार सिंह को पटखनी दी थी. बिनोद कुमार सिंह लोक जनशक्ति पार्टी से चुनावी समर में उतरे थे. एलजीपी एनडीए का हिस्सा थी. जहां जेडीयू को 61,486 वोट मिले, वहीं एलजेपी को 41,219 वोट हासिल हुए थे. वहीं 2010 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी उमाकांत यादव ने कपिलदेव कामत को चुनवा में हराया था. तब उमाकांत यादव को 51,772 मत पड़े थे, वहीं कपिल देव कामत को 46,859 वोट मिले थे.
सीट का इतिहास
बाबूबरही विधानसभा सीट पर 1977 में पहली बार वोटिंग हुई. तब जेएनपी से देव नारायण यादव पहली बार विधायक चुने गए. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र नारायण झा को चुनावी समर में मात दी थी. फिर 1980 के चुनाव में महेंद्र नारायण झा चुनाव जीते और जनता पार्टी के देव नारायण यादव को हरा दिया. फिर 1985 में गुणानंद झा इस सीट से जीते. अब तक इस विधानसभा सीट पर कुल 11 चुनाव हुए हैं, जिनमें 2003 में एक उपचुनाव भी हुआ है. इस सीट पर आरजेडी की भी अच्छी पैठ है. 2000, 2003 के उपचुनाव और फिर फरवरी 2005 के चुनाव में जीत इस सीट से आरजेडी की हुई. लेकिन जब अक्टूबर 2005 में बहुमत को लेकर पेंच फंसी तो इस सीट पर कपिल देव कामत को जीत मिल गई. इस विधानसभा में कुल 2,60,449 वोटर हैं, जिनमें 1,37,039 पुरुष और 1,23,397 महिलाएं हैं.
किस-किसके के बीच है मुकाबला?
बाबूबरही विधानसभा सीट पर इस बार कांटे की टक्कर है. मुख्य मुकाबला महागठबंधन और एनडीए के बीच है. एनडीए की ओर से जनता दल (यूनाइटेड) की प्रत्याशी मीना कुमारी हैं, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी के दिग्गज नेता उमाकांत यादव चुनाव लड़ रहे हैं. दूसरी दलों में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की ओर से महेंद्र प्रसाद सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. लोक जन शक्ति पार्टी से अमरनाथ प्रसाद, प्लूरल्स पार्टी से शालिनी कुमारी, भारतीय राष्ट्रीय दल से विश्वनाथ रॉय हैं. रिपबल्किन पार्टी ऑफ इंडिया(अठावले) की ओर से अनिल कुमार यादव चुनावी समर में हैं. जन अधिकार पार्टी(लोकतांत्रिक) की ओर से राज कुमार सिंह, भारतीय चेतना पार्टी की ओर से रामा साहनी और समाज पार्टी से मनोज झा हैं.