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बिहार विधानसभा चुनाव

Gaya: बारिश में 3 महीने इस गांव से कोई नहीं निकलता, ये है वजह

 Gaya Dumaria Tandva Village Chachri Bridge
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बारिश के तीन महीनों तक गया के इस गांव से लोग कहीं भी निकल नहीं पाते. वजह है इस गांव के चारों तरफ पानी भर जाता है. यहां से निकलने के लिए न ही सड़क रहती है. न ही कोई पुल बनाया हुआ है. आजादी के बाद से अब तक इस गांव के लोग बांस से बने चचरी पुल का इस्तेमाल करते हैं. हर साल बाढ़ में ये पुल तबाह हो जाता है, फिर हर साल ऐसा ही पुल गांव के लोग मिलकर बनाते हैं. (इनपुट- पंकज कुमार)

 Gaya Dumaria Tandva Village Chachri Bridge
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इस गांव के लोगों का कहना है कि नेता और अधिकारी इस गांव को भूल गए हैं. यहां चुनाव में कोई नेता भी नहीं आता. जबकि, यह गांव पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और सांसद सुशील कुमार सिंह के राजनीतिक क्षेत्र में आता है. गया से 120 किलोमीटर दूर इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड के तंडवा गांव जाने के लिए सोरहर नदी पर पुल भी नहीं बना है. ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के सात दशक बाद भी इस नदी पर सिर्फ आश्वासन के पुल ही बनते आए हैं. 

 Gaya Dumaria Tandva Village Chachri Bridge
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चुनाव के समय सभी प्रत्याशी इसी नदी पर पुल बनाने का भरोसा देकर तंडवा गांव से वोट लेते रहे हैं. बरसात के 3 महीने में नदी में जब पानी आता है तो आवागमन बंद हो जाता है. तंडवा के आसपास के दर्जनों गांव पानी में डूब जाते हैं. ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. नेताओं और अधिकारियों का चक्कर लगा कर थक चुके ग्रामीण अब खुद ही चंदा करके हर साल चचरी का पुल बना लेते हैं. 

 Gaya Dumaria Tandva Village Chachri Bridge
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गांव के लडके और लड़कियों भी इसी पुल को पार कर के अपने स्कूल जाते हैं. ग्रामीणों ने बताया की यह नदी गांव और मेन रोड के बीच है. इस नदी पर कुछ साल पहले पुल बनाने का काम शुरू हुआ था लेकिन फिर किसी वजह से ये काम रुक गया. ठेकेदार भी दो दिन काम करके भाग गया. तब हम लोगों ने मिलकर बांस का पुल बनाया. यह पुल 30 गांवों को जोड़ता है.

 Gaya Dumaria Tandva Village Chachri Bridge
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तंडवा गांव के मुकेश प्रसाद कहते हैं कि इस नदी का यह हाल हमारे पूर्वजों के समय से ही है. कोई भी विधायक हम लोगों की बात नहीं सुनता. गांव में कोई बीमार हो जाए तो इसी पुल से पार करके जाना पड़ता है. अगर गांव में बाढ़ आ जाती है तो लोग खटिया पर मरीज को रख कर नदी पार करते हैं. अगर नदी में बहाव तेज होता है तो 10 किलोमीटर घूम कर जाते हैं.