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पश्चिम बंगाल चुनाव में फाइव 'M' फैक्टर, जानिए कैसे बदलेगा गणित

ममता बनर्जी की लहर के सामने कोई भी पार्टी नहीं ठहर सकी. टीएमसी ने 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है. 2016 के चुनाव में टीएमसी ने 211 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं 200 प्लस का टारगेट लेकर चल रही बीजेपी दहाई का अंक नहीं छू सकी. कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन खाता भी नहीं खोल सका.  

पश्चिम बंगाल चुनाव में फाइव 'M' फैक्टर पश्चिम बंगाल चुनाव में फाइव 'M' फैक्टर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पांच 'M' फैक्टर रहेगा चुनाव में हावी 
  • टीएमसी ने 200 से अधिक सीटों पर की जीत हासिल

पश्चिम बंगाल के चुनाव में पांच 'M' फैक्टर पर हुए इस चुनाव के परिणामों का सभी को बेसब्री से इंतजार है. ये पांच एम हैं- ममता, मोदी, महिला, मुस्लिम और मतुआ वोटर. माना जा रहा है कि चुनाव परिणाम को ये फैक्टर प्रभावित करेगा.

मतुआ वोट बीजेपी को कितना पड़ता है. महिलाओं का रुख बीजेपी की ओर क्या रहा. साफ शब्दों में कहा जाए, तो बीजेपी को महिला वोट ज्यादा पड़ जाता है, तो इस कंडीशन में बीजेपी का आंकड़ा चौंकाने वाला रहेगा. वहीं महिला वोट यदि ममता के साथ चला जाता है और मुस्लिम वोट एकजुट हो जाता है, तो ममता बनर्जी को बड़ा फायदा होगा. 

लेकिन ये बात जरूर है, कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने टीएमसी की जड़ें हिला दी हैं. त्रिपुरा की जीत के बाद अमित शाह ने कहा था, कि बीजेपी का स्वर्णिम काल तब आएगा, जब पश्चिम बंगाल, केरल और ओडिशा में बीजेपी सरकार बनाएगी.

बता दें बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की लहर के सामने कोई भी पार्टी नहीं ठहर सकी. टीएमसी 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है. 2016 के चुनाव में टीएमसी ने 211 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं 200 प्लस का टारगेट लेकर चल रही बीजेपी दहाई का अंक नहीं छू सकी. कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन खाता भी नहीं खोल सका.  

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