| Gender | female |
| Age | 41 |
| State | WEST BENGAL |
| Constituency | SILIGURI |
प्रियंका बोस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बसपा उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 41 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता Graduate है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (0) है. उनकी कुल संपत्ति 27.2Lac रुपये है, जबकि उन पर 0 रुपये की देनदारी है.
Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2026 |
|---|---|
| Total Assets | 27.2Lac |
| Movable Assets | 17.2Lac |
| Immovable Assets | 10Lac |
| Liabilities | 0 |
| Self Income | 0 |
| Total Income | 0 |
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के विधानसभा चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुईं. आसनसोल में बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ, केशपुर में वोट डालने के बाद एक महिला की मौत हो गई, और मुर्शिदाबाद में टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़पें हुईं.
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में सिलिगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ 26/237 पर मतदान के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया.बहस तेजी से धक्का-मुक्की में बदल गई. मौके पर मौजूद बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी घटना के गवाह बने. तैनात CAPF जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप कर भीड़ को नियंत्रित किया. हालात सामान्य होने के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई.
पीएम मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे का आज दूसरा दिन है. सिलीगुड़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने दार्जिलिंग की सभी 5 और जलपाईगुड़ी जिले की सभी 7 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद बंगाल से TMC का जाना तय है. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय संकल्प सभा को संबोधित किया. उन्होंने जनता के उत्साह का जिक्र करते हुए बदलाव की बात कही. पीएम मोदी ने TMC सरकार के 15 साल के शासन पर सवाल उठाए और विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और बजट को लेकर आरोप लगाए. उन्होंने युवाओं से वोट के जरिए भविष्य तय करने की अपील की और नॉर्थ बंगाल की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया.
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार और शनिवार को दो चुनावी राज्यों में जाने वाले हैं. असम और पश्चिम बंगाल के दौरे पर प्रधानमंत्री रहेंगे. इस दौरान कई प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ करेंगे. इस दोनों राज्यों में आने वाले में कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं. हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग ने तारीख का ऐलान नहीं किया है.
9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि फांसीदेवा में तय किया गया मैदान काफी छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके. बाद में विधाननगर के बड़े मैदान को देखकर उन्होंने कहा कि यहां आयोजन होता तो लाखों लोग शामिल हो सकते थे.