तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को एक ही चरण में कराने की राजनीतिक दलों की मांग पर चुनाव आयोग सभी पहलुओं पर विचार करेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि चुनाव किस चरण में होंगे, इसका अंतिम फैसला चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के समय सामने आएगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी ने हाल ही में संपन्न विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को देश के लिए मॉडल और बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनी है. कुछ दलों द्वारा नामों की बड़े पैमाने पर कटौती के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं किया गया.
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में हाल में हुए चुनाव दशकों के सबसे त्रुटिरहित चुनावों में रहे हैं और तमिलनाडु इससे भी बेहतर रिकॉर्ड स्थापित करेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य का पूरा चुनावी अमला निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रलोभन-मुक्त चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
मतदाता और निर्वाचन क्षेत्र
23 फरवरी 2026 तक राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 5.67 करोड़ है. इनमें 2.89 करोड़ महिलाएं, 2.77 करोड़ पुरुष और 7,617 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं. राज्य में 234 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 199 सामान्य, 44 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं.
सीईसी ने बताया कि 18-19 आयु वर्ग के 12.5 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़ेंगे, जबकि 20-29 आयु वर्ग में करीब एक करोड़ युवा मतदाता हैं. युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 3,060 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कॉलेजों में अभियान चलाएंगे.
मतदान और सुविधाएं
राज्य में 75,000 मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1,200 मतदाता होंगे. 258 महिला-प्रबंधित, 47 दिव्यांग अनुकूल और 265 मॉडल मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए भूतल पर मतदान केंद्र सुनिश्चित किए जाएंगे.
डाक मतपत्रों की गिनती ईवीएम राउंड से दो चरण पहले होगी. अनिवार्य वीवीपैट मिलान प्रक्रिया जारी रहेगी और परिणाम घोषित होने के सात दिन तक उम्मीदवार शुल्क देकर ईवीएम-वीवीपैट मिलान का अनुरोध कर सकेंगे.
पूरी मतदान प्रक्रिया ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेबकास्ट होगी, जहां उम्मीदवारों, हलफनामों, मतदान प्रतिशत और परिणामों की जानकारी उपलब्ध रहेगी. यह ऐप मोबाइल पर भी डाउनलोड किया जा सकेगा. सीईसी ने तमिलनाडु की लोकतांत्रिक परंपरा, विशेषकर प्राचीन ‘कुडवोलई’ प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य निष्पक्ष और आदर्श चुनाव का उदाहरण पेश करेगा.