कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य शशि थरूर ने पार्टी लाइन से हटने के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी कांग्रेस की आधिकारिक सोच के खिलाफ कोई रुख नहीं अपनाया. केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ‘लक्ष्य 2026’ नेतृत्व कैंप से लौटकर मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने साफ किया कि पार्टी के साथ उनका रुझाव हमेशा एक समान रहा है. कांग्रेस से मतभेद की कहानी बेबुनियाद है.
थरूर ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी खबरें कैसे आती हैं कि वे पार्टी लाइन से अलग हो गए हैं. उन्होंने कहा कि संसद में उनके सवाल और उनके लेख पार्टी के सोच के प्रति सहमति में हैं. उन्होंने मीडिया के रिपोर्टिंग करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोग अक्सर केवल सुर्खियां पढ़कर निष्कर्ष निकाल लेते हैं, जबकि पूरा लेख पढ़ने पर वास्तविक मुद्दा सामने आता है.
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव को लेकर थरूर ने कहा कि यह पार्टी की लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है. उन्होंने चुनाव लड़ा, हार स्वीकार की और इसे वहीं खत्म मानते हैं. इसमें किसी भी तरह की मन-मुटाव की बात गलत है.
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बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के प्रति दिए गए उनके कथित बयान को थरूर ने शिष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान अनिवार्य है. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर उनकी कही गई बातों को संदर्भ से अलग पेश करने की आलोचना की.
केरल की राजनीति पर बात करते हुए थरूर ने राज्य के वित्तीय संकट और विकास के लिए निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस और यूडीएफ मिलकर जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करेंगे.
इनपुट: पीटीआई