एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के लगभग आधे विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है, जबकि आधे से ज्यादा विधायक करोड़पति हैं. रिपोर्ट में राज्य के 294 में से 291 मौजूदा विधायकों के आपराधिक, वित्तीय और अन्य पृष्ठभूमि का विश्लेषण किया गया है, जबकि तीन सीटें फिलहाल खाली हैं.
एडीआर रिपोर्ट के अनुसार 136 विधायक (करीब 47 प्रतिशत) ऐसे हैं जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. इनमें से 109 विधायक (करीब 37 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. इसके अलावा आठ विधायकों ने हत्या से जुड़े मामलों की घोषणा की है, जबकि 29 विधायकों पर हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं. वहीं 22 विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं, जिनमें एक मामला दुष्कर्म से संबंधित है.
टीएमसी के 41% विधायकों पर आपराधिक मामले
पार्टीवार आंकड़ों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के 223 विधायकों में से 92 (41 प्रतिशत) और भाजपा के 64 विधायकों में से 42 (66 प्रतिशत) ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है. वित्तीय स्थिति के मामले में रिपोर्ट में कहा गया है कि 291 में से 152 विधायक (52 प्रतिशत) करोड़पति हैं. सभी विधायकों की कुल घोषित संपत्ति 821.50 करोड़ रुपये है और प्रति विधायक औसत संपत्ति 2.82 करोड़ रुपये है.
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संपत्ति के मामले में जंगीपुर से विधायक जाकिर हुसैन लगभग 67 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे आगे हैं. उनके बाद कसबा के विधायक अहमद जावेद खान (32 करोड़ रुपये से अधिक) और जोरासांको के विधायक विवेक गुप्ता (31 करोड़ रुपये से अधिक) का स्थान है. रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा में 45 विधायक (करीब 15 प्रतिशत) महिलाएं हैं, जबकि 246 विधायक पुरुष हैं.
शैक्षणिक योग्यता के लिहाज से 182 विधायक (63 प्रतिशत) स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं, जबकि 104 विधायकों (36 प्रतिशत) की शिक्षा कक्षा 8 से 12 के बीच है. एडीआर के मुताबिक यह रिपोर्ट 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनावों के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामों के आधार पर तैयार की गई है.