scorecardresearch
 

काउंटिंग से पहले कोलकाता के कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात, दो महीने के लिए लगी पाबंदी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले कोलकाता में भारी तनाव है. हिंसा की आशंका को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने शहर के कई इलाकों में आने वाली 3 मई से दो महीने के लिए धारा 163 लागू करने का फैसला किया है.

Advertisement
X
पश्चिम बंगाल पुलिस. (फाइल फोटो)
पश्चिम बंगाल पुलिस. (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों से पहले सियासी पारा अपने चरम पर है. 4 मई को विधानसभा चुनाव की काउंटिंग होनी है, लेकिन उससे पहले ही कोलकाता की सड़कों पर हलचल तेज हो गई है. पुलिस को खुफिया जानकारी मिली है कि शहर में बड़े पैमाने पर हिंसा और बवाल हो सकता है. इसी खतरे को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने 3 मई से शहर के मुख्य व्यापारिक इलाकों में अगले दो महीने के लिए धारा 163 लागू होगी. आसान शब्दों में कहें, तो चुनाव के नतीजों से पहले कोलकाता में 'कर्फ्यू' जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं ताकि शांति बनी रहे.

अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर यह धारा 163 क्या है और इसके लगने से क्या बदल जाता है? दरअसल, पहले जिसे हम धारा 144 के नाम से जानते थे, अब नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में उसे ही धारा 163 कहा जाता है. यह कानून पुलिस और प्रशासन को वह ताकत देता है जिससे वे किसी भी अशांत इलाके में भीड़ जुटने या प्रदर्शन करने पर रोक लगा सकें. 1 जुलाई 2024 से देशभर में लागू इस नई धारा के तहत 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने, जुलूस निकालने या हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह पाबंदी होती है, ताकि शहर की शांति में कोई खलल न पड़े.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है. बीते गुरुवार की रात कोलकाता के दो काउंटिंग सेंटर्स पर जमकर हंगामा हुआ था. टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया था कि जहां ईवीएम रखी गई हैं, उन स्ट्रॉन्ग रूम में पारदर्शिता की कमी है और वहां कुछ गड़बड़ी की जा सकती है. इस गहमागहमी के बाद पुलिस प्रशासन को डर है कि 4 तारीख को जब वोटों की गिनती शुरू होगी, तो स्थिति और बिगड़ सकती है. इसीलिए बहूबाजार (Bowbazar), हेयर स्ट्रीट (Hare Street) थाना क्षेत्र और हेडक्वार्टर ट्रैफिक गार्ड जैसे इलाकों को हाई-अलर्ट पर रखा गया है.

Advertisement

अब न रैली होगी न जुलूस, 5 लोग भी एक साथ नहीं दिखेंगे

कोलकाता पुलिस ने इस बार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 का सहारा लिया है. यह आदेश 3 मई से शुरू होकर 1 जुलाई 2026 तक यानी पूरे दो महीने तक लागू रहेगा. इन दो महीनों के दौरान पुलिस ने किसी भी तरह की रैली, जुलूस या विरोध प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. अब इन इलाकों में 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ खड़े होने पर भी पाबंदी है. अगर कोई भी कानून तोड़ता हुआ पाया गया, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.

पुलिस का आदेश साफ है कि न तो कोई लाठी लेकर निकल सकता है और न ही किसी तरह का कोई खतरनाक हथियार. सिर्फ इतना ही नहीं, ऐसी किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जाएगी जिससे ट्रैफिक जाम हो या जनता की शांति भंग हो.आशंका जताई गई है कि मतगणना के दौरान या उसके बाद कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं. इसीलिए प्रशासन ने किसी भी अनहोनी को टालने के लिए पहले ही घेराबंदी कर ली है.

साफ है कि बंगाल चुनाव का आखिरी पड़ाव यानी मतगणना किसी हाई-वोल्टेज मैच से कम नहीं होने वाली है. एक तरफ जहां सियासी दलों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं, वहीं पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती शहर में कानून-व्यवस्था को संभाले रखना है. अब देखना होगा कि 4 मई के नतीजों के बाद बंगाल की ये शांति बनी रहती है या तनाव और बढ़ता है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement