केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम दौरे पर हैं. शनिवार को उन्होंने असम पुलिस की 10वीं बटालियन के नए कैंपस का शिलान्यास किया. इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सल मुक्त भारत की तरह घुसपैठियों से भी मुक्ति संभव है. कांग्रेस की वोटबैंक की राजनीति से असम की जनसंख्या संकट में है. हर घुसपैठिए की पहचान कर देश से बाहर भेजेंगे.
अमित शाह ने कहा कि यह नया कैंपस उस जमीन पर बनाया जाएगा जिसे हाल ही में घुसपैठियों से खाली कराया गया है. शाह ने देश और राज्य की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि असम को घुसपैठ, उग्रवाद, गरीबी, बेरोजगारी और बाढ़ जैसी समस्याओं से मुक्त कराने के लिए बीजेपी कमिटेड है.
शाह ने लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अवैध प्रवासियों को हटाने में दिलचस्पी नहीं रखती क्योंकि वे उसका राजनीतिक वोटबैंक हैं. उन्होंने कांग्रेस से चुनौती दी कि यदि वह वाकई घुसपैठियों को हटाने के लिए कमिटेड हैं तो इसे अपने आगामी चुनाव घोषणापत्र में शामिल करें. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग इस समय असम में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसईआर) कर रहा है, जिसमें घुसपैठियों की पहचान की जाएगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण असम की जनसंख्या संतुलन बिगड़ा है, लेकिन असम सरकार ने अब तक एक लाख बीघा से अधिक जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई है. शाह ने भरोसा जताया कि अगर बीजेपी दोबारा सरकार बनती है तो अगले पांच सालों में पांच लाख बीघा से अधिक जमीन को आजाद कराया जाएगा.
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बता दें कि अगले कुछ महीनों में असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. इन सब के बीच अमित शाह का यह असम दौरा राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है.