| Gender | Male |
| Age | 34 |
| State | BIHAR |
| Constituency | CHAPRA |
राणा यशवन्त प्रताप सिंह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 34 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता Graduate Professional है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (5) है. उनकी कुल संपत्ति 35.2Lac रुपये है, जबकि उन पर 0 रुपये की देनदारी है.
Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2025 |
|---|---|
| Total Assets | 35.2Lac |
| Movable Assets | 35.2Lac |
| Immovable Assets | 0 |
| Liabilities | 0 |
| Self Income | 6.6Lac |
| Total Income | 6.6Lac |
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसी बीच नीतीश कुमार से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। 9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया इसके साथ ही शुरू हो जाएगी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
बिहार विधानसभा चुनाव की गूंज यूपी की सियासी जमीन पर भी सुनाई पड़ रही है. इसकी वजह यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए को जिताने के लिए मशक्कत कर रहे थे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन के लिए पूरी ताकत झोंक दी. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार का यूपी कनेक्शन क्या है?
इंडिया टुडे ने चुनाव आयोग के डेटा की गहराई से जांच की और पाया कि SIR और चुनाव नतीजों के बीच कोई सीधा या समझ में आने वाला पैटर्न दिखता ही नहीं. हर बार जब एक ट्रेंड बनता लगता है, तुरंत ही एक दूसरा आंकड़ा उसे तोड़ देता है. बिहार चुनाव में NDA ने 83% सीटें जीतीं, पर SIR से जुड़े नतीजे अलग कहानी कहते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है. जहां सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीती गई पांचों सीटें NDA के खाते में गईं, वहीं बेहद कम मार्जिन वाली सीटों पर अलग-अलग दलों की जीत दर्ज हुई. चुनावी आंकड़े बताते हैं कि भारी अंतर वाली सीटों पर NDA का दबदबा स्पष्ट दिखा जबकि कम अंतर वाली सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा.
बिहार की छपरा सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव जहां एक ओर, वो लगातार लोगों से वोट देने की अपील कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर, उनके खुद के घर पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई, लेकिन मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा और बवाल भी देखने को मिला. सबसे बड़ी घटना लखीसराय में हुई जहां उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के काफिले पर हमला किया गया, जिसके लिए उन्होंने आरजेडी को जिम्मेदार ठहराया. विजय सिन्हा ने कहा, 'मेरे काफिले पर गोबर फेंका गया, यह जंगलराज जैसा है और ऐसे राजद के गुंडों पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए.' वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बढ़े हुए मतदान का फायदा एनडीए को मिलेगा और गठबंधन पहले चरण में लगभग 100 सीटें जीत रहा है.
बिहार विधानसभा चुनाव में छपरा सीट सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खेसारी लाल यादव यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. इस चुनाव में छपरा की राजनीतिक स्थिति और खेसारी लाल यादव के संघर्ष को समझाया गया है. वीडियो में छपरा की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों को भी दर्शाया गया है.
बिहार चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार खेसारी लाल ने अपराधिक छवि के लोगों को टिकट दिए जाने के सवाल पर दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने वाल्मीकि का उदाहरण देते हुए कहा कि अपराधी कोई पैदा नहीं होता है, उसकी कोई न कोई वजह होती है, उसकी कोई समस्या होती है."
छपरा सदर सीट पर आरजेडी के उम्मीदवार खेसारी लाल यादव ने नामांकन दाखिल किया, जहां उनके नामांकन जुलूस में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी. इस भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. नामांकन के बाद खेसारी लाल यादव भावुक हो गए.