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असम में CAA के खिलाफ कांग्रेस का मेगा प्लान, 50 लाख गमछे जमा करने का अभियान

ये गमछा वैसा ही होगा जैसा हाल ही में असम दौरे पर गए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के गले में दिखाई दिया था. शिवसागर में रैली के दौरान राहुल ने मंच पर CAA क्रॉस यानी सीएए नहीं संदेश वाला सफेद-लाल गमछा गले में डालकर भाषण दिया था. राहुल के अलावा मंच पर मौजूद बाकी कांग्रेसियों ने भी ये गमछा गले में डाला हुआ था. 

असम में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता असम में चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस नेता
स्टोरी हाइलाइट्स
  • असम में CAA के खिलाफ कांग्रेस की तैयारी
  • 50 लाख गमछे जमा करने का अभियान
  • असम में सीएए के खिलाफ अब भी आवाज उठती रहती है

कोरोना वायरस की देश में एंट्री ने भले ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ सड़क पर उतरे लोगों को घर जाने पर मजबूर कर दिया हो लेकिन इस मसले की धधक ठंडी पड़ती दिखाई नहीं दे रही है. खासकर, चुनावी राज्य असम में सीएए एक बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह सीएए के खिलाफ अभियान चला रही है. 

इसी कड़ी में असम कांग्रेस यूनिट ने पूरे प्रदेश से 50 लाख गमछे इकट्ठा करने का निर्णय लिया है. पार्टी यूनिट की तरफ से सभी कार्यकर्ताओं को CAA के खिलाफ संदेश लिखे गमछे जमा करने के लिए कहा गया है. 

कैसा होगा ये गमछा 

ये गमछा वैसा ही होगा जैसा हाल ही में असम दौरे पर गए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के गले में दिखाई दिया था. शिवसागर में रैली के दौरान राहुल ने मंच पर CAA क्रॉस यानी सीएए नहीं संदेश वाला सफेद-लाल गमछा गले में डालकर भाषण दिया था. राहुल के अलावा मंच पर मौजूद बाकी कांग्रेसियों ने भी ये गमछा गले में डाला हुआ था. 

अब इसी तरह के 50 लाख गमछे पूरे राज्य से इकट्ठा करने की कांग्रेस की योजना है. पार्टी घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन गौरव गोगोई ने बुधवार को बिहपुरिया में कहा, ''मैं सभी असम वासियों से अपील करता हूं कि वो गमछे पर लिखकर दें कि वो असम में सीएए क्यों नहीं चाहते हैं. आप लोग (जनता) गमछे पर अपने साइन कर कूरियर के जरिए हमें भिजवा सकते हैं या हमारे पार्टी कार्यकर्ता को दे सकते हैं.''

गमछों का क्या होगा?

दरअसल, कांग्रेस नेता लगातार ये वादा कर रहे हैं कि अगर राज्य में उनकी सरकार आती है तो सीएए विरोधी आंदोलन में जान गंवाने लोगों का गुवाहाटी में स्मारक बनाया जाएगा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि पूरे राज्य से कम से कम 50 लाख गमछे इकट्ठा हो जाएंगे जिन्हें बाद में स्मारक पर प्रदर्शित किया जाएगा. 

बता दें कि दिसंबर 2019 में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की फायरिंग में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनके स्मारक बनवाने का वादा कांग्रेस ने किया है. 

असम में सीएए के खिलाफ अब भी आवाज उठती रहती है. कई संगठन लगातार सीएए के विरोध में प्रदर्शन भी कर रहे हैं. लिहाजा, कांग्रेस भी इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रही है. अपनी पहली रैली में ही राहुल गांधी ने भी साफ कह दिया था कि उनकी पार्टी की सरकार आई तो असम अकॉर्ड के हर सिद्धांत की सुरक्षा की जाएगी और सीएए कभी लागू नहीं होगा.

एजेंसी इनपुट के साथ  
 

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