कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली अनैस जोसमॉन परीक्षा के डर से 8 मार्च को घर से भाग गई थी. जिसे रेलवे अधिकारियों ने भोपाल रेलवे स्टेशन से ढूंढ निकाला और परिवार को सौंप दिया है.
इस बात की जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट के जरिए दी. जिसके बाद उन्होंने छात्रा और उसके परिवार से मुलाकात भी की है. जब पीयूष गोयल को मालूम चला कि 14 साल की छात्रा परीक्षा के डर से घर छोड़ कर भागी है, तो ये उनके लिए ये हैरानी की बात थी.
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जिसके बाद उन्होंने छात्रा से मुलाकात की. यहीं नहीं मुलाकात करने के साथ उन्होंने अनैस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लिखी 'एग्जाम वॉरियर्स' किताब को तोहफे में भी दी. ताकि वह परीक्षा के डर से बाहर निकल सके. पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए लिखा...
Met Anaïs Josemon from New Delhi who ran away from her home due to exam pressure and now rescued promptly by Railways and reunited with her family. Also gave her a copy of the book penned by PM and told her 'be an Exam Warrior, not Worrier'.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal)
'मिलिए नई दिल्ली की रहने वाली अनैस जोसमॉन से जो परीक्षा के दबाव के कारण घर से भाग गई थी. उसे रेलवे ने ढ़ूंढ निकाला है और परिवार को सौंप दिया गया है. वहीं मैंने अनैस को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा लिखी किताब 'एग्जाम वॉरियर्स' किताब दी है ताकि वह 'एग्जाम वॉरियर्स बनें. एग्जाम को टेंशन के रूप में न लें'.
ये थी घर से भागने की वजह
अनैस की मां ने बताया कि वह गणित विषय में अच्छी नहीं है. पिछली परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं करके के बाद उसने घर से भागने के बारे में सोचा. इस बात की परिवार में किसी को कोई जानकारी नहीं थी कि वह इतना बड़ा कदम उठाएगी. अनैस 8 मार्च को घर से भागी. जहां उसने चेन्नई के लिए निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु एक्सप्रेस ली. वह चेन्नई में बाइबल क्लासेज के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना चाहती थी.
स्कूल से नहीं आया कोई जवाब
इतना सब कुछ हो जाने के बाद अनैस के स्कूल की तरफ से किसी ने कोई बात नहीं की है. जिससे पता चल सके आखिर 14 साल की छात्रा ने कैसे घर से भागने का इतना बड़ा कदम उठा लिया. फिलहाल परिवार वाले खुश हैं कि उनकी बच्ची सुुरक्षित मिल गई है.
ऑपरेशन मुस्कान अभियान
रेलवे मंत्रालय ने लापता बच्चों को ढूंढने के लिए 'ऑपरेशन मुस्कान' के नाम से अभियान चला रहा है. जिसमें भारत के सभी प्रमुख स्टेशन शामिल किए गए हैं. मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से 2016 तक, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे नेटवर्क से पाए गए 1,317 (944 लड़के, 373 लड़कियां) तस्करी वाले बच्चों सहित 20,931 बच्चों को ढूंढ निकाला है.