राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, श्रीनगर ने 7वें दीक्षांत समारोह के मौके पर डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है. इस दौरान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे.
रमेश पोखरियाल निशंक ने इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए दी. उन्होंने लिखा आज हम ऐसे व्यक्तित्व का सम्मान कर रहे हैं जिसने पूरे उत्तराखंड को नहीं बल्कि संपूर्ण राष्ट्र को गौरवान्वित किया है. अजीत डोभाल जी न केवल आंतरिक सुरक्षा के माहिर हैं बल्कि विदेशों के साथ सार्थक रणनीति बनाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है. भारत सरकार में कैबिनेट मंत्री के रैंक में डोभाल जी का सम्मान हर उस देशवासी का सम्मान है जो राष्ट्र के लिए जीता है, राष्ट्र के लिए मरता है.
जानिए अजित डोभाल के बारे मेंआज हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल जी, उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धन सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। pic.twitter.com/CXNLZ5OoYo
— Dr Ramesh Pokhriyal Nishank (@DrRPNishank) December 1, 2019
सर्जिकल स्ट्राइक के मास्टर माइंड माने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 में गढ़वाल पौड़ी में हुआ था. उनके पिता इंडियन आर्मी में थे. उन्होंने अजमेर मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है.
वह 1968 केरल बैच के आईपीएस अफसर हैं. अपनी नियुक्ति के चार साल बाद साल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे. उन्होंने करियर में ज्यादातर समय खुफिया विभाग में ही काम किया है. कहा जाता है कि वह 7 साल तक पाकिस्तान में खुफिया जासूस रहे.
आपको बता दें, 30 मई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था. ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उन्होंने एक जासूस की भूमिका निभाई थी और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई थी. उनकी मदद की वजह से ये सैन्य ऑपरेशन सफल हो पाया. आपको बता दें, पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वह सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे.