महाराष्ट्र की यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम की टॉपर एक अच्छी कथक डांसर तो हैं साथ ही वो सचिन तेंदुलकर की फैन भी हैं. हम बात कर रहे हैं पुणे की रहने वाली अबोली नरावने की. अबोली की सफलता का श्रेय जाता है उनकी कठिन मेहनत को.
सक्सेस का मंत्र
अबोली बताती हैं मेरी मां हमेशा कहती हैं कि कठिन मेहनत बुद्धिमानी की जगह ले सकती हैं लेकिन बुद्धिमानी कभी भी कठिन मेहनत की जगह नहीं ले सकती है. इसे मैंने अपनी लाइफ का मंत्र बना लिया. अबोली ने बताया, 'मैं 13 घंटे पढ़ाई करने लगी. मैंने पहली बार में एग्जाम क्लियर नहीं किया तो मुझे काफी दुख हुआ लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी. दूसरी बार में मेरी 165 रैंक आई और मुझे इंडियन रेवन्यू सर्विस मिली. लेकिन मेरा सपना था और मैंने तीसरी बार भी एग्जाम देने की ठानी और इस बार मेरी ऑल इंडिया में 78वीं रैंक आई है.'
सिलेबस पर थी अच्छी पकड़
तीसरी बार में क्रैक करने वाली अबोली बताती हैं कि मेरे लिए यह काफी आसान रहा क्योंकि मेरी सिलेबस पर अच्छी पकड़ हो गई थी और इसके बाद मैं सिर्फ अपने आंसर्स की क्वॉलिटी बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रही थी. अबोली फिलहाल अपनी आईआरएस जॉब छोड़ रही हैं और कहती हैं कि मुझे नहीं पता कि मुझे कौन सी जिम्मेदारियां दी जाएंगी. अबोली महात्मा गांधी के फैसले लेने की सीख पर विश्वास रखती हैं.
स्टूडेंट्स के लिए टिप्स
अबोली का कहना है कि पेपर थोड़ा ट्रिक्री होता है और सवाल थोड़े लंबे होते हैं इसलिए जवाब भी शॉर्ट और सिंपल लिखने चाहिए. वो लोग सिर्फ ये देखना चाहते हैं कि आपक कॉन्सेप्ट क्लियर है या नहीं. यहीं नहीं जवाब भी साधारण भाषा में लिखें.
प्रेरणास्रोत्र
हालांकि अबोली का ज्यादातर समय पढ़ते हुए बीतता है लेकिन अबोली क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की फैन हैं. उनके लिए सचिन प्रेरणास्रोत्र हैं. उनका कहना है कि वो भी उन्हीं की तरह रिटायर्ड होना चाहती हैं.