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नॉनवेज खाना बैन करने को लेकर हंसराज कॉलेज सख्त, आदेश वापस लेने से किया इनकार

DU के हंसराज कॉलेज में नॉन-वेज पर बैन का विवाद अभी थम नहीं रहा है. इस बैन को लेकर कॉलेज प्रशासन अपने फैसले पर अडिग है. हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा शर्मा ने होस्टल और कैंटीन में मांसाहारी भोजन बंद करने के आदेश को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है.

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अपने फैसले पर अडिग हंसराज कॉलेज
अपने फैसले पर अडिग हंसराज कॉलेज

हंसराज कॉलेज की प्रधानाचार्य रमा शर्मा ने व्यापक आलोचना का सामना करने के बावजूद होस्टल और कैंटीन में मांसाहारी भोजन बंद (Non-Veg Food Ban) करने के आदेश को वापस लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि DU के कॉलेज आर्य समाज के नियमों का पालन करते हैं.

रमा शर्मा ने यह भी दावा किया कि 90% छात्र शाकाहारी हैं और उन्होंने पहले होस्टल में मांसाहारी भोजन परोसे जाने का विरोध किया था. पिछले साल फरवरी में महामारी के बाद फिर से खुलने के बाद हंसराज कॉलेज द्वारा अपनी कैंटीन और होस्टल में मांसाहारी भोजन परोसना बंद करने के फैसले की कई हलकों से तीखी आलोचना हुई है.

'हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस में स्पष्ट लिखा है'

हालांकि छात्रों ने दावा किया कि इस मामले में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था, लेकिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि 'एक नोटिस जारी किया गया था और हॉस्टल प्रॉस्पेक्टस में लिखा गया था कि हॉस्टल में मांसाहारी भोजन नहीं परोसा जाएगा.'

वापस नहीं लिया जाएगा मांसाहारी भोजन

प्रिंसिपल रमा शर्मा ने स्पष्ट किया हम मांसाहारी भोजन के संबंध में नोटिस वापस नहीं लेने जा रहे हैं. यह एक आर्य समाज कॉलेज है. हमारा अपना दर्शन है और इसीलिए हम मांसाहारी भोजन नहीं परोसेंगे. हम नियमित रूप से 'हवन' करते हैं. हम अपने नियमों का पालन करते हैं. होस्टल के प्रोस्पेक्टस में लिखा है कि होस्टल में मांसाहारी भोजन नहीं परोसा जाएगा.

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दूसरे धर्मों के कॉलेजों पर कोई हस्तक्षेप क्यों नहीं?

रमा शर्मा ने कहा, 'हम सेंट स्टीफेंस (कॉलेज) को 'हवन' करने के लिए नहीं कहते हैं. हम खालसा कॉलेज के नियमों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं. फिर हमसे पूछताछ क्यों की जा रही है? हम यह नहीं कहते कि नॉन-वेज खाना मत खाओ. हमारा बस इतना कहना है कि कॉलेज में मांसाहारी खाना मत खाओ.'

SFI करेगा आंदोलन

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े छात्र संगठन ने हंसराज कॉलेज में मांसाहारी भोजन को बंद करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है और इसे परिसर का भगवाकरण करने का प्रयास करार दिया है. एसएफआई की हंसराज कॉलेज इकाई ने एक बयान में कहा कि मांसाहारी भोजन पर लगे बैन के खिलाफ परिसर में निराशा पनप रही है. 20 जनवरी को हंसराज हॉस्टल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

एसएफआई ने आरोप लगाया कि ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं जहां हंसराज प्रशासन ने उन छात्रों से अंडे जब्त कर लिए जो वे होस्टल में लाए थे. एसएफआई ने कहा कि हमने हंसराज होस्टल में एक सर्वे कराया था और इसमें पाया कि लगभग 75 प्रतिशत छात्र मांसाहारी थे, जबकि कॉलेज के प्रिंसिपल का दावा था कि 90 प्रतिशत छात्र शाकाहारी हैं.

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