मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के तहत विषय ज्ञान सुधार ( फेकल्टी इम्प्रूवमेंट) के लिए स्टेट एकेडमिक स्टाफ कॉलेज खोला जाएगा.
यह प्रस्ताव शनिवार को रुसा परिषद की बैठक में पेश किया गया. रुसा परिषद की शनिवार को हुई बैठक में इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर, श्री जी.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड साइंस इंदौर और शासकीय ऑटोनॉमस कॉलेज शहडोल को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि उन सभी संभाग मुख्यालय के स्वायत्त महाविद्यालयों (ऑटोनॉमस कॉलेज) को विश्वविद्यालय में अपग्रेड किया जाएगा, जहां पहले से विश्वविद्यालय नहीं हैं. उन्होंने मेडिकल, संगीत और कृषि कॉलेज के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस कार्य के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं. बैठक में केन्द्रीय शोध विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी विचार किया गया.
विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, उपकरण, छात्रावास आदि के विकास के लिए भी हर महाविद्यालयों को 20 करोड़ रुपये और मॉडल कॉलेज के रूप में विकास के लिए 12 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
इसके अलावा 56 नए और 20 अन्य कॉलेजों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 112 करोड़ 80 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. श्योपुर, टिमरनी, शाहपुरा, पी.जी. कॉलेज झाबुआ और विरसिंहपुर पाली कॉलेज को मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. धामनोद, परासिया, आमला, मंडलेश्वर, कन्या बड़वानी, पेटलावद, देपालपुर और सिहोरा कॉलेज को अपग्रेड करने का भी प्रस्ताव है.