केंद्रीय सूचना आयोग ने एक स्टूडेंट को 70 हजार रूपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है जो दिल्ली के शिक्षा विभाग की तरफ से समय पर काग्जात नहीं दिए जाने के कारण स्कॉलरशिप हासिल नहीं कर सका .
मामले पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए सूचना आयुक्त श्रीधर आचायरुलु ने विभाग के केंद्रीय जनसूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया. उन्होंने उनसे पूछा कि उन पर अधिकतम जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाए क्योंकि स्टूडेंट को समय पर सूचना मुहैया नहीं कराई गई.
मामला राजकुमार का है जो गुरू रामदास कॉलेज ऑफ एजुकेशन का स्टूडेंट् है और सीआईसी को उसने बताया कि वह बीपीएल कैॉेगरी का स्टूडेंट है और उसे बी. एड. पूरी करने के लिए स्कॉलरशिप की जरूरत है.
कुमार ने बताया कि उसने शिक्षा विभाग में वर्ष 2012-13 शैक्षणिक वर्ष में के लिए आवेदन दिया था और उसे सूचित किया गया कि उसका फॉर्म चयन सूची में शामिल कर लिया गया है जबकि उसने 2191 नंबर भी दिया गया. लेकिन उसे स्कॉलरशिप नहीं मिली.
उसने 2013 में आरटीआई आवेदन देकर स्कॉलरशिप के लिए उसके आवेदन पर की गई कार्रवाई पर सूचना मांगी लेकिन इसके लिए 30 दिनों के अंदर कोई जवाब नहीं मिला.
बाद में उसे सूचित किया गया कि उसने कुछ अंकपत्र नहीं लगाए थे. जिसकी वजह से उसे काग्जात नहीं मिल पाए
-इनपुट भाषा से