उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) आज शाम 4 बजे कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने जा रहा है. 55 लाख छात्रों के बीच इस समय सबसे बड़ी चर्चा यही है कि पास होने के लिए न्यूनतम कितने अंक चाहिए और अगर किसी विषय में नंबर कम रह गए, तो आगे क्या होगा? आइए जानते हैं यूपी बोर्ड के पासिंग मार्क्स और फेल होने की स्थिति में 'साल बचाने' के नियम.
क्या है 33% का फॉर्मूला?
यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, प्रत्येक छात्र को हर विषय में पास होने के लिए कम से कम 33 प्रतिशत (33%) अंक प्राप्त करना अनिवार्य है. इसमें पास होने के लिए न्यूनतम 33 अंक चाहिए. जिन विषयों में प्रैक्टिकल (जैसे- साइंस, ज्योग्राफी) शामिल हैं, उनमें छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग 33% अंक लाने होंगे. यदि आप थ्योरी में पास हैं लेकिन प्रैक्टिकल में फेल, तो आप उस विषय में फेल ही माने जाएंगे.
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यूपी बोर्ड 10वीं रिजल्ट
यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट
ग्रेस मार्क्स का क्या है नियम?
अगर कोई छात्र किसी एक या दो विषय में पासिंग मार्क्स (33) से महज 2 या 3 नंबर पीछे रह जाता है, तो बोर्ड के पास उसे 'ग्रेस मार्क्स' देकर पास करने का अधिकार होता है. हालांकि, यह पूरी तरह से बोर्ड के उस साल के रिजल्ट और परीक्षक के निर्णय पर निर्भर करता है. यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलती है जो पासिंग लाइन के बिल्कुल करीब होते हैं.
अगर फेल हो गए, तो क्या साल बर्बाद हो जाएगा?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. यूपी बोर्ड उन छात्रों को दूसरा मौका देता है जो एक या दो विषयों में 33% अंक नहीं ला पाते. जो छात्र एक या दो विषयों में फेल होते हैं, वे कम्पार्टमेंट परीक्षा देकर दोबारा उसी साल पास हो सकते हैं.
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