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CBSE 10th Result Success Story: मिल‍िए नोएडा के टॉपर अरमान मित्तल से, 500 में कटे सिर्फ 2 नंबर 

नोएडा के अरमान मित्तल ने सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 500 में से 498 अंक हासिल कर सबको चौंका द‍िया. बिना कोचिंग सिर्फ स्कूल और सेल्फ स्टडी के दम पर अरमान ने अपने पेरेंट्स का टॉपर बनने का 'अरमान' पूरा कर द‍िया है. 

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500 में से सिर्फ दो नंबर कटे, नहीं होते 100 पर्सेंट
500 में से सिर्फ दो नंबर कटे, नहीं होते 100 पर्सेंट

कभी-कभी कामयाबी इतनी खामोशी से आती है कि खुद यकीन करना मुश्किल हो जाता है. नोएडा के अरमान मित्तल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. कल तक जो छात्र अपनी परीक्षाओं में व्यस्त था, आज वह पूरे शहर की सुर्खियों में है. एमिटी स्कूल के छात्र अरमान ने सीबीएसई (CBSE) 10वीं बोर्ड में 99.6% अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. 500 में से अरमान के सिर्फ 2 नंबर कटे हैं.

'लगा जैसे कोई सपना देख रहा हूं'
अरमान को उम्मीद नहीं थी कि नतीजा इतनी जल्दी आ जाएगा. वे कहते हैं, "अभी कल ही तो फ्रेंच का पेपर खत्म हुआ था. मुझे लगा रिजल्ट 20 अप्रैल के बाद आएगा. जैसे ही क्लास ग्रुप पर मैसेज चमका, मुझे लगा मैं सपना देख रहा हूं." सबसे पहले अरमान की मां ने रिजल्ट देखा और घर में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा.

ट्यूशन को कहा 'ना', स्कूल पर जताया भरोसा
आज के दौर में जहां बिना कोचिंग के पढ़ाई की कल्पना मुश्किल लगती है, अरमान ने एक अलग लकीर खींची है. उन्होंने किसी भी बाहरी ट्यूशन या कोचिंग का सहारा नहीं लिया. अरमान का कहना है, "मेरे स्कूल के टीचर्स और असाइनमेंट काफी थे. मैंने बस उन पर भरोसा किया." दिसंबर तक वे 6-7 घंटे पढ़ते थे, लेकिन जनवरी आते-आते उन्होंने अपनी मेहनत को 10 घंटे की 'तपस्या' में बदल दिया.

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पापा की 'चिल' और मम्मी की 'सीरियस' सलाह
अरमान की सफलता का सबसे दिलचस्प पहलू उनके घर का माहौल रहा. अरमान बताते हैं कि उनके माता-पिता ने 'प्रेशर' और 'रिलैक्सेशन' का गजब संतुलन बनाए रखा. अरमान के शब्दों में, "मम्मी कहती थीं कि अच्छे से पढ़ लो वरना मुश्किल होगी. वहीं पापा का कहना था कि फिक्र मत करो, जो होगा देखा जाएगा. एक तरफ से दबाव था और दूसरी तरफ से सुकून, इसी बैलेंस ने मुझे टॉपर बना दिया."

मैथ्स के पेपर से नहीं लगा डर
इस साल कई छात्रों को गणित (Maths) का पेपर कठिन लगा, लेकिन अरमान के माथे पर शिकन तक नहीं आई. उन्होंने बहुत ही सादगी से कहा कि अगर दिमाग शांत हो और स्कूल में तैयारी अच्छी हुई हो, तो कोई भी पेपर कठिन नहीं होता. उन्होंने बस सवालों को ध्यान से पढ़ा और अपना बेस्ट दिया.

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