आपको बता दें, साल 2011 से पहले सिर्फ कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत रत्न दिया जाता था, लेकिन 2011 में इसमें संशोधन किया गयाय अब भारत रत्न के पाने के लिए कोई क्षेत्र निर्धारित नहीं किया गया है. भारत रत्न हासिल करने वाले किसी भी क्षेत्र के हो सकते हैं.
(भारत रत्न से सम्मानित होते हुए पुर्व राष्ट्रपित प्रणब मुखर्जी)