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एजुकेशन

1999 में PAK की कैद में थे 6 जवान, पार की थी क्रूरता की हद

1999 में PAK की कैद में थे 6 जवान, पार की थी क्रूरता की हद
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हिंदुस्तान भारतीय वायुसेना के विंग कमाडंर अभिनंदन की पाकिस्तान की गिरफ्त में है और कल वो भारत लौटेंगे. ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान गिरफ्त में कोई भारतीय सैनिक हो. करगिल युद्ध के दौरान हमारे देश के कैप्टन सौरभ कालिया और उनके साथ को अपनी कैद में ले लिया था. जिसके  जिस हालत में उनके शव  भारत भेजे गए उस वक्त उन्हें पहचनना मुश्किल हो गया था. 20 साल पहलेे की गई पाकिस्तान  की ये घटना दर्शाती है कि उसने कैसे बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थी.
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कैप्टन सौरभ कालिया ने करगिल में पाकिस्तानी सैनिकों की बड़ी घुसपैठ का सामना किया था. मई 1999 को कैप्टन कालिया और उनके 5 साथियों को पाकिस्तानी फौजियों ने बंदी बना लिया था.


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जिसके बाद वहां से भारतीय जवानों के शव वापस आए तो ऑटोप्सी रिपोर्ट से पता चला कि भारतीय जवानों के साथ पाकिस्तान ने उसके साथ बेरहमी की थी.



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पाकिस्तान सेना ने हमारे देश के सैनिकों को सिगरेट से जलाया गया था और उनके कानों में लोहे की सुलगती छड़ें डाली गई थी. उनकी आंखें निकाल ली गई थी, उनके अधिकांश दांत और हड्डियां तोड़ दीं, मारा-पिटा और यहां तक की उनके उनके शरीर के अंग भी काट दिए थे. सैनिकों मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर किया.
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सौरभ कालिया के साथ उनके पांच साथी थे जिनके नाम नरेश सिंह, भीखा राम, बनवारी लाल, मूला राम और अर्जुन राम था. ये सभी दुश्मन के हाथों पकड़े गए थे.
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20 से ज्यादा दिनों तक सैनिकों पर जबरदस्त पाकिस्तान  सरकार ने जबरदस्त कहर बरसाया. सौरभ कालिया की उम्र उस वक्त 22 साल थी और अर्जुन राम की महज 18 साल. सौरव कालिया बटालिक में 5 जवानों की अपनी टुकड़ी के साथ गश्त पर थे. गश्त के दौरान ही पाकिस्तानी घुसपैठियों ने उन्हें पकड़ लिया था.


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तीन हफ्ते से अधिक समय से कैद में रखे जाने के बाद पाकिस्तान सेना ने 9 जून, 1999 को उनके शव क्षत-विक्षत हालत में भारतीय सेना के पास भेजे. जहां उनकी पहचान तक मुश्किल थी.
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लेकिन भारतीय जवानों के शव वापस आए तो अटॉप्सी रिपोर्ट से पता चला कि भारतीय जवानों के साथ पाकिस्तान में हद दर्जे की बेरहमी की गई थी. वहीं पाकिस्तान से इस बात से इनकार कर दिया

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उन्होंने कहा- कैप्टन कालिया और उनकी टीम को पाक फौजियों ने शहीद किया था, पाकिस्तान ये कहता रहा कि उनके शव एक गड्ढे में पड़े मिले थे.

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वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ साल पहले एक वीडियो जारी किया गया था. जिसमें नायक भूले ने बताया, ‘13 मई 1990 को भारत से हमारे ऊपर हमला हुआ. भारत की ओर से 6 लोग हमारी ओर बढ़ रहे थे. वे लोग रेकी गश्त पर थे. वे हमारी चौकी पर कब्जा करना चाहते थे और अगर वे सफल हो जाते तो लेह की ओर जाने वाले रास्ते पर उनका कब्जा हो जाता. उसने बताया, ‘उनकी योजना सफल नहीं हुई और हमने उन्हें मार गिराया.’ कारगिल जंग के बाद पाकिस्तान में आयोजित सेना के एक समारोह का ये वीडियो यू ट्यूब पर शेयर किया गया था. 

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बता दें, पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय जिनेवा संधि में युद्धबंदियों को लेकर नियम का उल्लखंन किया था. हालांकि वह इस बात को मानने से इनकार करता रहा है. क्योंकि इस नियम के तहत युद्धबंदियों को डराने-धमकाने का काम या उनका अपमान नहीं किया जा सकता. वहीं भारत ने  पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा - भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान का मारपीट और अभद्रता का वीडियो जारी कर जिनेवा संधि का उल्लंघन किया है.

(फोटो: भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान की है)


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