भारत को आजाद हुए 70 साल से ज्यादा हो गए हैं और यह आजादी 200 साल की गुलामी के बाद मिली थी. ब्रिटेन ने इन 200 सालों में भारत को बहुत लूटा और भारत की अरबों की संपत्ति लेकर चले गए. लेकिन कभी आपने यह अंदाजा लगाया है कि इन 200 सालों में भारत की कितनी संपत्ति को लूट लिया गया... आज आपको इस सवाल का जवाब मिल जाएगा.
आपने सुना होगा कि भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन ब्रिटिश शासन के बाद भारत का काफी धन लूट लिया गया. वैसे तो इसका अंदाजा लगाना ही काफी मुश्किल है, लेकिन प्रसिद्ध अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक ने वो संभावित रकम बताई, जितनी भारत से लूटी गई है
औपनिवेशिक भारत और ब्रिटेन के बीच राजकोषीय संबंधों पर शोध करने वाली पटनायक ने निंबध लिखा है, जिसमें उन्होंने इस बात का जिक्र किया है कि आखिर ब्रिटिश शासकों ने भारत से कितना धन लूटा है. ब्रिटिश शासकों की ओर से लूटे गए खजाने की वजह से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा है.
200 साल तक देश में अत्याचार करने वाले अंग्रेज वापस लौट तो गए, लेकिन इतने समय में उन्होंने हमारा काफी धन लूट लिया. जानी-मानी अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक ने अपने निबंध में लिखा कि अंग्रेज़ों ने भारत का करीब 45 ट्रिलियन डॉलर (3,19,29,75,00,00,00,000.50 रुपये) लूटा.
बता दें कि उत्सा पटनायक के इस निबंध को कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस ने प्रकाशित किया है. उत्सा ने बताया कि साल 1900-02 के बीच भारत की प्रति व्यक्ति आय 196.1 रुपये थी, जबकि साल 1945-46 में ये 201.9 रुपये पहुंच गई थी.
उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने साल 1765 से 1938 तक कुल 9.2 ट्रिलियन पाउंड का खजाना लूटा था, जो कि 45 ट्रिलियन डॉलर के बराबर है.
उत्सा ने अपने निबंध में बताया कि अंग्रेज़ों ने भारत को लूटकर बर्बाद कर दिया और अपनी शान-ओ-शौकत के लिए कभी भी भारत का नाम तक नहीं लिया.