बंटवारे की शिकार महिला: बंटवारे की तकलीफ सबसे ज्यादा महिलाओं को ही उठानी
पड़ी. हिंदू, मुसलमान, सिख महिलाओं का अपहरण कर बलात्कार के अनगिनत मामले
सामने आए. बाद में सरकार की कोशिशों से जब यह महिलाएं वापस घर लौटने की
स्थिति में आईं तो बहुत सारी महिलाएं या तो घर जाना ही नहीं चाहती थी या
महिलाओं के परिवारों ने 'अपवित्र' कह उनका परित्याग कर दिया था. आजादी के
बाद दिल्ली, मुंबई के वेश्यालयों में महिलाओं की संख्या काफी बढ़ गई थी.
नेहरू ने एक रेडियो कार्यक्रम के जरिए इन महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा,
'बंटवारे के दौरान जिन महिलाओं को तमाम तरह की तकलीफों का सामना करना
पड़ा, उन्हें ये नहीं सोचना चाहिए कि हमें उनके चरित्र के बारे में कोई
संदेह है. हम उन्हें प्यार से वापस लाना चाहते हैं क्योंकि इसमें उनकी कोई
गलती नहीं है. हम उन्हें बहुत प्यार से अपने घरों में रखना चाहते हैं. ऐसी
महिलाओं की हर संभव मदद की जाएगी.'