scorecardresearch
 
Advertisement
एजुकेशन

इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं

इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 1/7
गीतकार प्रसून जोशी का जन्‍म 16 सितंबर 1971 को उत्‍तराखंड में हुआ था. उन्‍हें अब सेंसर बोर्ड का चीफ बनाया गया है. उन्हें मोदी सरकार का करीबी माना जाता है.
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 2/7
जोशी ने कई साल अलमोड़ा, नैनीताल, टेहरी, चमोली, गोपेश्‍वर में बिताए हैं. वे वहां रहकर लिखा करते थे. उनकी पत्‍नी का नाम है अपर्णा जोशी. एक बेटी भी है.
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 3/7
बचपन में वे पढ़ाई में तेज थे. पिता डी के जोशी PCS ऑफिसर थे, मां सुषमा जोशी लेक्‍चरर. माता-पिता दोनों को ही क्‍लासिकल संगीत का ज्ञातन था. इसलिए परिवार में उन्‍हें म्‍यूजिक-ऑर्ट का अच्‍छा माहौल बना. 17 साल की उम्र में उनकी पहली किताब 'मैं और वो, ए कनवरजेशन विद हिमसेल्‍फ' प्रकाशित हुई थी.
Advertisement
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 4/7
प्रसून ने BSc और पोस्‍ट ग्रेजुएशन फिजिक्‍स में की. इसके बाद इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्‍नोलॉजी, गाजियाबाद से MBA किया. इसके बाद काम शुरू किया एडवरटाइजिंग में. उन्‍होंने दिल्‍ली में Ogilvy & Mather से करयिर की शुरुआत की. जहां उन्‍होंने 10 साल तक काम किया. जब उन्‍होंने आर्गेनाइजेशन छोड़ा तो वो वहां एग्जिक्‍यूटिव क्रिएटिव डायरेक्‍टर बन चुके थे.
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 5/7
इसके बाद उन्‍होंने McCann-Erickson ज्‍वान किया. अभी वे वहीं के CEO हैं. बता दें कि McCann World ने मेक इन इंडिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी कैंपेन और जिंगल्स को डिजाइन किया है.
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 6/7
उनके मशहूर कामों में सफोला (अभी तो मैं जवान हूं), एलपनलीबे, क्‍लोरमिंट और कोका-कोला के एडवरटोरियल काम शामिल हैं. उनके 'ठंडा मतलब कोका कोला' कैंपेन को Cannes award भी मिला था. कोका कोला के मशहूर विज्ञापन 'उम्‍मीद वाली धूप' के लिरिक्‍स उन्‍होंने ही लिखे थे.
इन विज्ञापनों से लाइमलाइट में आए थे प्रसून, अभी इस कंपनी के CEO हैं
  • 7/7
बॉलीवुड में उनके करियर की शुरुआत राजकुमार संतोषी की फिल्‍म 'लज्‍जा' से हुई थी. जिसमें उन्‍होंने गीत लिखे थे. इसके बाद उन्‍होंने कई फिल्‍मों में गीत लिखे. डायलॉग सबसे पहले फिल्‍म 'रंग दे बंसती' के लिए लिखे थे.
Advertisement
Advertisement