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West Bengal Board Exams: बोर्ड परीक्षा का तीसरा पेपर लीक, अंग्रेजी के बाद अब इतिहास के पेपर की तस्वीरें वायरल

वेस्ट बंगाल में कक्षा 10वीं के बोर्ड एग्जाम विफल होते दिख रहे हैं. पिछले तीन दिनों में बंगाली, अंग्रेजी और इतिहास का पेपर लीक हो चुका है. सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्रों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

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West Bengal Paper Leak
West Bengal Paper Leak

पश्चिम बंगाल में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के तीसरे दिन सोशल मीडिया पर बंगाली और अंग्रेजी के बाद इतिहास के प्रश्नपत्रों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पेपर लीक मामले में तीन अभ्यर्थियों को पूरी परीक्षा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है.

प्रश्न पत्रों की तस्वीरें वायरल कर रहे थे उम्मीदवार

अधिकारी ने कहा कि तीन अभ्यर्थियों को पूरी परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है. वे मोबाइल फोन पर प्रश्नपत्रों की तस्वीरें लेते पाए गए हैं. परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही वह पेपर की फोटोज़ को व्हाट्सएप पर भेजने लगे थे. इसके अलावा अधिकारी ने यह भी बताया कि मालदा जिले के दो स्कूलों के तीन उम्मीदवार प्रश्न पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को मिटाने या धुंधला करने की कोशिश कर रहे थे, अब उन्हें पकड़ा जा चुका है. इस साल कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं से कुल 17 उम्मीदवारों को परीक्षा ने निष्कासित कर दिया गया है, जिनमें से 16 मालदा जिले से और एक जलपाईगुड़ी जिले से है.

पेपर लीक मामले में पिछले 2 दिनों में 14 उम्मीदवारों को दंडित किया गया

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पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा, 2 फरवरी 2024 से शुरू हुई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं के पिछले दो दिनों में, कुल 14 उम्मीदवारों को इसी तरह दंडित किया गया था. 3 फरवरी को अंग्रेजी के पेपर वायरल करने के लिए 12 छात्रों को और 2 फरवरी को सोशल मीडिया पर बंगाली पेपर को वायरल करने के लिए 2 उम्मीदवारों को पकड़ा गया है. 

राज्य सरकार की छवि खराब करने के लिए किए जा रहे हैं पेपर लीक

बोर्ड अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने पहले इस स्थिति पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया था कि "कुछ व्यक्ति राज्य सरकार की छवि खराब करने और परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने के लिए बच्चों का शोषण कर रहे हैं". उन्होंने कहा को जो भी इस काम  के पीछे हैं उसे बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए.

छात्रों नहीं अधिकारियों को दंडित करना चाहिए

भाजपा नेता शंकुदेब पांडा ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने पूरी माध्यमिक परीक्षा प्रणाली को एक तमाशा बना दिया है और लगातार परीक्षाओं के दौरान "प्रश्न पत्र लीक" के लिए इसे जिम्मेदार ठहराया है. राज्य में जिस तरह से परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं उसकी केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड को उम्मीदवारों को दंडित करने के बजाय उन केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करने वाले अधिकारियों को दंडित करना चाहिए जहां घटनाएं सामने आई हैं.

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लेकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए पेश हुआ बिल

बता दें कि लोकसभा में प्रवेश परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए एक नया बिल पेश किया गया है. इस कानून का उद्देश्य है कि पेपर में नकल को कम किया जा सके. अगर कोई इस मामले में दोषी पाया गया तो उसे 3 से 5 लाख का जुर्माना और 1 से 10 साल तक कि सजा का प्रावधान है.

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