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उच्च शिक्षण संस्थान के भविष्य के लिए UGC का नया कदम, गठिक टीम ने तैयार किया रोडमैप

भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में सुधार करने के लिए यूजीसी द्वारा गठित एक टीम ने रोडमैप तैयार किया है, जो न केवल सामने दिख रहीं शैक्षिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी अनुमान लगाता है. इसके लिए आयोग द्वारा गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं.

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University Grants Commission
University Grants Commission

UGC Guidelines for Higher Educational Institutions: भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) कई कदम उठाता है. इसी कड़ी में यूजीसी का प्लान है कि इंस्टीट्यूशनल डेपलपमेंट के जरिए उच्च शिक्षण संस्थानों का मार्गदर्शन किया जाए, जिससे वह हर परिस्थिति और हर उस अवसर का फायदा उठा पाएं जिससे उनको और मजबूती मिलेगी. इसके संदर्भ में यूजीसी द्वारा गाइडलाइंस जारी की गई हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.

एकेडमिक स्टैंडर्ड और रिचर्स को बढ़ावा देना

इन दिशा-निर्देशों का उद्देशय शैक्षणिक मानकों को बढ़ाने और एकेडमिक स्टैंडर्ड को बढ़ावा देने से लेकर रिचर्स को बढ़ावा देने और टेक्नोलॉजी को अपनाने का है ताकि शिक्षा क्षेत्र में उद्योग गठबंधन, ज्ञान और रिसर्च को प्रोत्साहित किया जा सके. दिशानिर्देश सामाजिक विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों के एकेडमिक और शिक्षा उद्योग के शिक्षकों और लीडर से बनी एक प्रतिष्ठित समिति द्वारा बनाए गए थे. इनके द्वारा एक व्यापक रोडमैप बनाया गया है जो न केवल सामने दिख रहीं शैक्षिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी अनुमान लगाता है.

उच्च शिक्षा का आउटकम अच्छा होना चाहिए

विश्व स्तर पर और देश स्तर पर उच्च शिक्षा तेजी से बढ़ी है, इससे यह पता चलता है कि इसमें और भी ज्यादा सुधार करना चाहिए. जैसे-जैसे उच्च शिक्षा सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए अधिक महंगी होती जा रही है, इससे उम्मीद भी बढ़ रही है कि इसका आउटकम और भी ज्यादा अच्छा हो. इसे भारतीयों की अगली पीढ़ी को आगामी चुनौतियों का सामना करने और नेतृत्व की भूमिका निभाने की क्षमताओं से लैस करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है.

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क्वालिटी एजुकेशन होनी चाहिए

दिशानिर्देश बताते हैं कि शिक्षा में एजुकेशन में क्वालिटी होनी चाहिए. इनका लक्ष्य है कि उच्च शिक्षा के लिए वास्तव में भारतीय दृष्टिकोण का निर्माण हो. इससे सिर्फ कक्षा में अच्छे मार्क्स नहीं आएंगे, बल्कि ऐसी शिक्षा से बौद्धिक विकास आर्थिक और सामाजिक प्रगति भी होगी. दिशानिर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, सतत विकास लक्ष्य (SDG), और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC), तीनों को देखते हुए तैयार किए गए हैं. शिक्षा पर जोर देने के साथ, दिशानिर्देश व्यक्तियों के विकास को प्रोत्साहित करते हैं.

 

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