‘परीक्षा पर चर्चा’ के दौरान हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के साथ हंसी-मजाक करते हुए गंभीर मुद्दों पर भी बात करते दिखाई दिए. कार्यक्रम में एक छात्र ने बताया कि उसका जन्मदिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन के दिन ही पड़ता है. यह सुनते ही पूरा हॉल मुस्कुराहट से भर गया. छात्र की यह बात न सिर्फ माहौल हल्का कर गई, बल्कि कार्यक्रम में गर्मजोशी भी बढ़ा गई.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके 75वें जन्मदिन पर एक नेता का फोन आया था. उस नेता ने मजाक में कहा-आप 75 के हो गए. इस पर मैंने जवाब दिया कि मेरे तो अभी 25 बाकी हैं. उन्होंने कहा कि वह इसी सोच के साथ जीवन जीते हैं.जो बीत गया उसके लिए नहीं जीता, जो बचा है उसी के लिए जीता हूं.
इसलिए मैं आप से भी कहता हूं जीवन में जो बीत गया, उसकी गिनती में वक्त बर्बाद मत करो. जो समय बचा है, उसे जीने के बारे में सोचो.
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'अपनी रचनाएं और काम खुले तौर पर लोगों के सामने रखिए'
परीक्षा पर चर्चा 2026 के लाइव सेशन में एक अन्य छात्र ने पूछा कि पढ़ाई के साथ गेमिंग जैसे शौक को कैसे संतुलित किया जाए. छात्र ने कहा कि उसे गेमिंग में गहरी रुचि है और वह इसे आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन दिशा स्पष्ट नहीं है.
इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी शौक को सार्थक बनाने का सबसे अच्छा तरीका है उसे लोगों के साथ साझा करना. उन्होंने कहा कि अगर आप अपने शौक को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी रचनाएं और काम खुले तौर पर लोगों के सामने रखिए.
पीएम ने समझाया कि अपनी क्रिएशन साझा करने से मिलने वाला फीडबैक नए विचारों को जन्म देता है. इससे कौशल भी निखरता है और धीरे-धीरे वही शौक सफलता का रास्ता बन जाता है.
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में पढ़ाई, शौक और आनंद इन तीनों का संतुलन बेहद ज़रूरी है. उनके अनुसार, काम, रुचियां और आनंदतीनों एक-दूसरे को मजबूत बनाते हैं.