NEET Controversy 2024: भारत में सरकारी मे़डिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए नीट परीक्षा को क्लियर करना जरूरी है. बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे छात्र 11 और 12वीं कक्षा में कड़ी मेहनत करते हैं. फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ्स जैसे टफ सब्जेक्ट को घोलकर पी जाते हैं. इसके साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर भी उनकी कड़ी मेहनत जारी रहती है. इसके बाद अगर छात्रों को पता चले कि इस जरूरी परीक्षा में धांधली या कुछ गड़बड़ी हुई है तो उनका हौसला तो टूटता ही है साथ ही देश की परीक्षा प्रणाली से भी विश्वास उठ जाता है. इस साल की नीट परीक्षा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
एनटीए पर क्यों भड़क रहे नीट छात्र
नीट रिजल्ट आने के बाद से ही मेडिकल फील्ड में खलबली मची हुई है. छात्रों ने तमाम आरोपों के साथ एनटीए को कटघरे में खड़ा कर दिया है. 67 बच्चों के फुल मार्क्स देखने के बाद छात्रों के बीच टेंशन का माहौल पैदा हो गया, इससे यह शक तो पैदा हुआ ही कि नीट में धांधली हुई है, इसके अलावा अच्छे नंबर लेकिन हाई रैंक मिलने पर स्टूडेंट्स परेशान होने लगे. कई स्टूडेंट्स का कहना है कि नीट यूजी परीक्षा में उनके मार्क्स अच्छे आए हैं, लेकिन रैंक हजारों में मिली है. नीट 2024 कटऑफ काफी हाई गई है. इसके साथ ही NEET Marks Vs Rank का फासला भी बढ़ गया है. हालांकि, ग्रेस मार्क्स को लेकर जब दोबारा परीक्षा होगी तो फिर रैंकिंग में बदलाव आने की उम्मीद है, फिर भी तैयारी कर रहे छात्रों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है- आखिर नीट में क्या रैंक ऐसे ही आसमान छूती जाएगी?
रैक बढ़ने के कारण एडमिशन मिलना मुश्किल
एनटीए के अनुसार, इस साल काफी बच्चों ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए नंबर और रैंक पर असर पड़ा है. अच्छे नंबर लाने पर भी इतनी ज्यादा रैंक मिलने पर नीट छात्र परेशान हैं. छात्रा अंजलि ध्यानी ने कहा कि मेरे मार्क्स 630 हैं. इससे 13 या 16 हजार रैंक बनती है जो कि इस साल चार गुना बढ़ गई. अब एक साल में रैंक चार गुना रैंक बढ़ गई है तो जाहिर है कि एडमिशन मिलना मुश्किल हो जाएगा. अब ये सभी चीजें चल रही हैं तो लगता है कि जो सोचा था कि सीधे कॉलेज जाएंगे. वो सपना ही रह जाएगा.
सारे संस्थान संचालक को जवाब नहीं जुट रहा है कि अगले बैच को क्या बताएं कि कैसे इस साल के ट्रेंड के हिसाब से 690 नंबर लाएंगे तो ही अच्छा कॉलेज मिलेगा. लेकिन गरीब परिवारों से आने वाले बच्चों के लिए इतनी कठिन परीक्षा की तैयारी करना कितना मुश्किल होगा. फरीदाबाद के छात्र दीपक ने कहा कि मेरे 641 नंबर आ रहे हैं तो 13 14 हजार रैंक बन जानी थी लेकिन अब वो 37000 रैंक चली गई. 640 नंबर पाने वाले छात्र मोहसिन और 654 नबंर पाने वाले विक्रांत भी इसी चिंता से दिन रात जूझ रहे हैं.
अगले बैच पर कैसे पड़ेगा इस साल का असर
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नीट मार्क्स |
नीट रैंक |
| 705 | 542 |
| 690 | 4406 |
| 656 | 25,500 |
| 650 | 29,000 |
| 615 | 65,000 |
| 606 | 70,000 |
| 603 | 77,000 |
| 550 | 1,44,000 |
| 500 | 2,09,000 |
| 448 | 2,91,306 |
| 331 | 5,65,970 |
| 251 | 7,74,559 |
इस साल कई छात्रों के फुल मार्क्स आए हैं. वहीं, पिछली परीक्षाओं के मुकाबले इस साल की परीक्षा में कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिन्होंने अच्छा स्कोर किया है. यही कारण है कि अगले बैच के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि अब रैंक काफी हाई हो गई है. हालांकि ग्रेस मार्क्स वाले बच्चों के मार्क्स बदलते ही इनकी नीट ऑल इंडिया रैंक भी बदलेगी. इसी के साथ पूरी NEET 2024 Merit List भी बदल जाएगी. जाहिर सी बात है कि इससे रैंक में भी बदलाव आ सकता है.