लड़कियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने लखपति बिटिया योजना का ऐलान कर दिया है, जो लंबे समय से चल रही लाडली योजना का एक नया रूप है.
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी में कोई भी लड़की आर्थिक परेशानी की वजह से पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर न हो. इसके लिए जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. इस योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नया सिस्टम पुरानी योजना की कमियों को दूर करता है. उन्होंने बताया कि अब लाभ सीधे डिजिटल माध्यम से दिए जाएंगे, जिससे पैसा समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा.
क्या है लखपति बिटिया योजना?
लखपति बिटिया योजना एक बेहतर सामाजिक कल्याण योजना है. इसमें पढ़ाई के लिए लड़कियों को कदम-कदम पर आर्थिक मदद दी जाती है. इसके तहत सरकार कुल 56,000 रुपये तक जमा करेगी, जिस पर ब्याज बढ़ेगा और यह 1 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगी. यह पैसा सीधे लड़की के बैंक खाते में दिया जाएगा.
क्यों किया गया बदलाव?
साल 2008 में शुरू हुई लाडली योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को समर्थन देना था. हालांकि, सत्ता संभालने के बाद नई सरकार को इसमें कई कमियां मिलीं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1.86 लाख से ज्यादा खाते वर्षों तक बिना काम के पड़े रहे, मतलब लड़कियों तक पैसा नहीं पहुंचा. लेकिन अब सरकार ने ये बकाया पैसे देने का काम शुरू कर दिया है.
किसे मिलेगा कितना पैसा ?
लखपति बिटिया योजना में लड़की की पढ़ाई के पड़ावों पर कदम-कदम पर पैसे दिए जाएंगे, ताकि उसकी पढ़ाई लगातार जारी रहे.
ग्रेजुएशन या डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के दौरान किस्तों में 20,000 रुपये लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी. लेकिन ध्यान दें कि अगर लाभार्थी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहती है, यानी कि 21 साल तक कक्षा 12 पूरी नहीं करती है, तो जमा की गई राशि ब्याज के साथ सरकार को वापस कर दी जाएगी.
कौन-कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के तहत केवल वहीं उम्मीदवार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं जिनका जन्म दिल्ली में हुआ हो. परिवार कम से कम तीन साल से दिल्ली में रह रहा हो. सालाना आय 1.20 लाख रुपये से कम हो.