उत्तर प्रदेश में कई साल पहले निकली टीचर भर्ती में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार अभी भी परीक्षा होने का इंतजार कर रहे हैं. ऐसी ही कहानी दिल्ली में टीचर भर्ती में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों की भी है. ये उम्मीदवार अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बार-बार मामला कोर्ट में जाने से उम्मीदवार बस इंतजार ही कर रहे हैं. 2022 में टीचर भर्ती का नोटिफिकेशन आया था, जिसके बाद परीक्षा का आयोजन हो चुका है और नतीजे भी जारी हो चुके हैं. मगर सेलेक्शन प्रोसेस में पास होने वाले उम्मीदवारों को अभी तक पोस्टिंग नहीं मिली है. परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों ने आजतक डिजिटल को बताया कि वो किस तरह परेशान हो रहे हैं...
ये बात है दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की ओर निकाली गई DSSSB TGT विशेष शिक्षक भर्ती 20/22 व 33/23 की. दरअसल, बोर्ड ने 20/7/2022 व 31/7/2023 को TGT के कुल 945 पदों के लिए भर्ती निकाली थी. इसके बाद भर्ती में उम्मीदवारों के सेलेक्शन के लिए परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ. इसके बाद उम्मीदवारों के लंबे प्रयास के बाद जून 2025 में परीक्षा पेपर का आयोजन किया गया, लेकिन परीक्षा से पहले ही कोर्ट ने नतीजों पर स्टे लगा दिया था. परीक्षा के बाद संघर्ष शुरू हुआ, परीक्षा के रिजल्ट का. फिर अक्टूबर में कोर्ट ने 500 भर्ती से स्टे हटाया.
वैसे तो रिजल्ट पर कोर्ट ने पहले भी रोक लगा रखी थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने नतीजे जारी करने का आदेश दिया. इसके बाद 2 फरवरी 2026 को 945 में ले 361 पदों के लिए नतीजे जारी कर दिए गए. लेकिन, 3 फरवरी को फिर से सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगा दी. ऐसे में 361 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और अभी नियुक्तियां लंबित हैं. भर्ती में परीक्षा के नतीजे करीब 4 साल बाद जारी हुए हैं और अब उम्मीदवारों को उनकी नियुक्ति का इंतजार है. इसमें कुछ उम्मीदवारों के तो नतीजे भी जारी नहीं किए गए हैं.

'मेरिट में आए हैं, बस नौकरी मिल जाए"
परीक्षा में पास होने वाले कपिल का कहना है, 'हम वे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने पहले कई सालों तक तैयारी की, आर्थिक संघर्ष झेला, परिवारों की उम्मीदें अपने कंधों पर उठाईं. पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा में मेरिट से चयन पाया, लेकिन आज भी हम नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं. कई अभ्यर्थी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. कई की आयु सीमा समाप्ति की ओर है, जिससे भविष्य अनिश्चित हो रहा है. मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव बढ़ता जा रहा है. चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलना युवाओं के मनोबल को तोड़ रहा है. हम सरकार से कहना चाह रहे हैं कि मेरिट से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए. पारदर्शी और संवैधानिक भर्ती प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखी जाए.
वहीं, परीक्षा में पास होने वाले पकंज यादव का कहना है, 'जब मैंने 2019 में बीएड की थी तो काफी आशा थी कि जल्द नौकरी लग जाएगी. इसके बाद 2021 में CTET क्लियर किया, फिर 2022 में नोटिफिकेशन आया तो लगा कि टीचर बन जाएंगे. लेकिन नोटिफिकेशन आने के बाद तीन साल परीक्षा नहीं हुई और हम नेताओं के यहां घूमते रहे. फिर परीक्षा की तारीख तो आ गई, लेकिन चार दिन पहले ही कोर्ट ने परीक्षा करवाने की परमिशन तो दी, लेकिन नतीजों पर रोक लगा दी.'
उन्होंने बताया, 'इसके बाद संघर्ष जारी रहा परीक्षा के बाद रिजल्ट नहीं आए, कोर्ट ने सिर्फ 500 की परमिशन दी और फिर सिर्फ 2022 वाली भर्ती को हरी झंडी मिली. अब रिजल्ट आ गया तो एक दिन बाद फिर कोर्ट ने रोक लगा दी. अब सरकार की ओर से कोई जाता ही नहीं है. हमारे सिर्फ इतनी मांग है कि कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा हुई तो अब नियुक्ति भी मिल जाए. इसके बाद आयु सीमा भी हमारे सामने बड़ा संकट है और कई भर्ती में अप्लाई नहीं कर पाते.'