Bihar Board Exam 2023: 'वक्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्यूं बताएं क्या हमारे दिल में है...' बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा देने पहुंची रुक्मिणी कुमारी पर बिस्मिल अज़ीमाबादी (उर्दू कवि) की ये लाइनें सटीक बैठती हैं. प्रसव पीड़ा भी रुक्मिणी के हौसले का डिगा नहीं पाई. हॉस्पिटल में कुछ घंटे पहले बच्चे को जन्म दिया और एंबुलेंस से ही बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा देने पहुंच गई.
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं यानी मैट्रिक परीक्षाएं 14 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं. राज्य भर के लगभग 1500 एग्जाम सेंटर्स पर 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल होंगे. उन्हीं में से बांका जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली रुक्मिणी कुमारी (22) ने मिसाल पेश की है. रुक्मिणी की चर्चा हर जगह हो रही है, लोग उसके हौसले को सलाम कर रहे हैं.
बिहार बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा दे रही रुक्मिणी ने परीक्षा के दिन ही सुबह बच्चे को जन्म दिया और तीन घंटे बाद अपना साइंस का पेपर देने एग्जाम सेंटर तक पहुंच गई. एंबुलेंस से एग्जाम सेंटर पहुंचने पर हर कोई हैरान था. डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों ने उसे प्रसव के बाद आराम करने के लिए कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया और परीक्षा में शामिल होने पहुंच गई.
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार ने कहा, "इस घटना से साबित होता है कि महिलाओं की शिक्षा पर सरकार का जोर पकड़ रहा है. अनुसूचित जाति से आने वाली रुक्मिणी सभी के लिए प्रेरणा बन गई हैं."
बता दें कि बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की थ्योरी परीक्षा 14 फरवरी से 22 फरवरी, 2023 के बीच आयोजित की जा रही हैं. राज्य भर के लगभग 1500 एग्जाम सेंटर्स पर 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में किसी भी कदाचार से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. छात्रों को एग्जाम सेंटर पर 30 मिनट पहले पहुंचना है और कड़ी तलाशी के बाद ही सेंटर पर एंट्री दी जा रही है. छात्रों को जूते-मोजे पहनकर एग्जाम सेंटर पर एंट्री नहीं जाएगी.
(पीटीआई इनपुट के साथ)