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जज्बा हो तो दादी जैसा! 92 की उम्र में स्कूल जाकर कर रहीं पढ़ाई, बोलीं- अब मैं नोट गिन सकती हूं

यूपी की स्कूल जाने वाली यह परदादी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सलीमा खान हैं. सलीमा का जन्म 1931 के आसपास हुआ था और जिनकी शादी 14 साल की उम्र में हो गई थी. भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अंत से दो साल पहले - पढ़ने और लिखने में सक्षम होने का आजीवन सपना था. अब 10 महीने पहले उनका यह सपना पूरा हुआ है. 

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92 साल की सलीमा खान स्कूल जाकर पढ़ाई कर रही हैं. (फोटो सोर्स-ANI एक्स स्क्रीनग्रैब)
92 साल की सलीमा खान स्कूल जाकर पढ़ाई कर रही हैं. (फोटो सोर्स-ANI एक्स स्क्रीनग्रैब)

14 साल की उम्र में शादी हुई, ब्रिटिश शासन झेला और अब 92 साल की उम्र में वो सपना पूरा हुआ जो बपचन में देखा था, सपना स्कूल में पढ़ने का. इन दिनों उत्तर प्रदेश की 'परदादी' सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटौर रही हैं. वे अब 80 साल छोटे छात्रों के साथ  स्कूल जाकर पढ़ाई करती हैं. उनकी कहानी तब सामने आई जब उनका एक से 100 तक गिनने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

दरअसल, यूपी की स्कूल जाने वाली यह परदादी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सलीमा खान हैं. सलीमा का जन्म 1931 के आसपास हुआ था और जिनकी शादी 14 साल की उम्र में हो गई थी. भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अंत से दो साल पहले - पढ़ने और लिखने में सक्षम होने का आजीवन सपना था. अब 10 महीने पहले उनका यह सपना पूरा हुआ है. 

सलीमा खान का कहना है कि उन्हें पढ़ना अच्छा लगता है, मैं स्कूल जाती हूं, अब मैं नोट गिन सकती हूं. एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  सलीमा का कहना है, "मेरे पोते-पोतियां मुझे ज्यादा पैसे देने के लिए बरगलाते थे क्योंकि मैं नोटों की गिनती नहीं कर पाती थी. अब वो दिन चले गए." वहीं प्राथमिक विद्यालय चवली की प्रिंसिपल डॉ. प्रतिभा शर्मा कहती हैं "मैंने उससे कहा कि अगर वह स्कूल में आकर पढ़ेंगी, तो मैं उनकी पेंशन की व्यवस्था कर दूंगी, इससे उसे प्रेरणा मिली. अब वह 100 तक गिनती कर सकती हैं, अपना नाम खुद लिख सकती है."

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स्कूल की प्रधानाध्यापिका प्रतिभा शर्मा ने कहा कि शिक्षक शुरू में खान को पढ़ाने के बारे में झिझक रहे थे, लेकिन पढ़ाई के प्रति उनके जुनून ने उन्हें जीत लिया. सलीमा खान न सिर्फ खूद स्कूल जाकर पढ़ाई-लिखाई करती हैं बल्कि दूसरों को भी अपने साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं. शर्मा ने डेली को बताया, जब से वह स्कूल गई, उसने गांव की 25 महिलाओं ने भी साक्षरता कक्षाएं शुरू की हैं, जिनमें दो बहुएं भी शामिल हैं. 

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बता दें कि  गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे ज्यादा उम्र में पढ़ाई शुरू करने के मामले में 92 वर्षीय सलीमा खान का नाम दर्ज हो सकता है. क्योंकि अभी केन्या के दिवंगत किमानी नगांगा मारुगे को प्राथमिक विद्यालय पूरा करने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, उन्होंने 2004 में दाखिला लिया था जब वह 84 वर्ष के थे.

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