आपने भी कभी न कभी पहला जॉब इंटरव्यू दिया होगा. पहली बार नौकरी के अप्लाई करना किसी भी युवा के लिए रोमांचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव होता है. इस दौर में सही तरीके से अपना CV तैयार करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही पहला मौका होता है जब आप इंटरव्यूअर के सामने अपने स्किल, एजुकेशन और क्षमता को पेश करते हैं. खासकर फ्रेशर्स के लिए, अनुभव कम होने के बावजूद CV में सही जानकारी और स्किल्स का प्रदर्शन आपको बाकी उम्मीदवारों से अलग दिखा सकता है और नौकरी पाने के मौके बढ़ा सकता है.
पहले लिखें पर्सनल डिटेल
सीवी की शुरुआत अपने बारे में बताने से करें. इसमें अपना पूरा नाम, ई-मेल आईडी, शहर / लोकेशन और LinkedIn प्रोफाइल (अगर है) तो लिखें. इससे इंटरव्यूअर को आपके बारे में समझने में आसानी होगी.
Career Objective है जरूरी
फ्रेशर्स के सीवी में Career Objective बहुत अहम होता है. इसमें लिखें कि आप किस फील्ड में काम करना चाहते हैं और क्या सीखना चाहते हैं. आप जिस जॉब के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो उससे जुड़े स्किल्स का जिक्र करें.
एजुकेशन क्वालिफिकेशन
यह पार्ट फ्रेशर्स के सीवी का सबसे मजबूत हिस्सा होता है. इसमें आप 10वीं और 12वीं के मार्क्स, ग्रेजुएशन / डिप्लोमा की डिग्री, कॉलेज / यूनिवर्सिटी का नाम, पास होने के वर्ष के साथ प्रतिशत / CGPA का भी जिक्र करें. इसे न तो ज्यादा सिंपल में लिखें न ही टेक्निकल टर्म का ज्यादा यूज करें.
स्किल्स का करें जिक्र
कंपनियों को मालूम होता है कि फ्रेशर्स के पास ज्यादा एक्सपीरिएंस नहीं होता है. लेकिन पहली बार नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे युवा कुछ ऐसे स्किल्स पर काम कर सकते हैं जो इंटरव्यूअर को आकर्षित कर सकते हैं. इनमें कंप्यूटर स्किल (MS Excel, Word, PowerPoint), कम्युनिकेशन स्किल, टीमवर्क और टाइम मैनेजमेंट जैसे स्किल्स शामिल हो सकते हैं.
इंटर्नशिप का करें मेंशन (अगर हो)
कई बार युवाओं को लगता है कि कॉलेज के दौरान किए गए प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप या ट्रेनिंग किसी काम के नहीं होते हैं. लेकिन यह सच नहीं है. इसका यूज जब आप पहली बार नौकरी करने जाते हैं, तब आता है. इसे अपनी सीवी में मेंशन करने से इंटरव्यूअर को मालूम चलता है कि आप किस काम में बेस्ट हैं. इसमें बनाए गए प्रोजेक्ट का जिक्र करें, आपने इसमें क्या काम किया है वह बताएं. साथ ही अगर आपने किसी संस्थान के साथ इंटर्नशिप किया है तो, उसका जिक्र भी जरूर करें.
Extra-Curricular एक्टिविटी लिखें
कई कंपनियां यह भी देखती हैं कि आप अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में कितने एक्टिव थे. ऐसे में अगर आपने डिबेट / स्पोर्ट्स, कॉलेज इवेंट या वॉलंटियरिंग जैसे प्रोग्राम में पार्ट लिया है, तो सीवी में इन बातों का जिक्र भी जरूर करें.
भाषाओं के बारे में बताएं
लेकिन अगर आप किसी इंटरनेशनल कंपनी में अप्लाई कर रहे हैं तो, इस दौरान अपनी सीवी में भाषाओं के बारे में जिक्र जरूर करें. आप कौन सी भाषाएं आती हैं इनके बारे में बताना अनिवार्य है.