जब आप आसमान में ऊपर देखते हैं और हवाई जहाज गुजरता है तो, अक्सर ही उनके पीछे सफेद लकीर बनती हैं और तुरंत ही गायब हो जाती हैं.
इन सफेद लकीरों को कॉन्ट्रेल के नाम से भी जाना जाता है. ये इंजन के धुंए, हवा में तापमान, नमी समेत कई कारण की वजह से होता हैं.
ये सफेद लाइनें छोटे-छोटे बर्फ के क्रिस्टल या पानी की बूंदों से बनती हैं. ये कभी-कभी जल्दी गायब हो जाती हैं, तो कभी-कभी देर तक बनी रहती हैं.
ये कंट्रेल्स तब बनते हैं जब हवाई जहाज धरती से करीब 8 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ता हो और हवा बहुत ठंडी -40 डिग्री सेल्सियस होती है.
ऐसे में हवाई जहाज से एग्जॉस्ट बाहर निकलता है और आसमान की नमी इन एरोलसॉल्स के साथ मिलकर कंट्रेल्स बनाती हैं.
हर कंट्रेल्स एक जैसा व्यवहार नहीं करती हैं. ये कभी कुछ सेकंड में गायब हो जाते हैं, तो कुछ लंबे समय तक रहते हैं.
कंट्रेल्स जब ज्यादा मात्रा में बनने लगते हैं, तो ये सूरज की किरणों को रोक सकते हैं. इससे ग्लोबल वार्मिंग या तापमान में बदलाव हो सकता है.