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NEET ही क्यों? JEE Main का पेपर क्यों नहीं होता लीक, क्या है दोनों में अंतर

इस साल NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के विवादों के बाद रद्द कर दी गई है जिससे छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस पूरे मामले की जांच को CBI को सौंप दिया गया है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि NEET के पेपर में गड़बड़ी सामने आई है. इसके पहले भी साल 2024 में इसे लेकर विवाद सामने आए थे. ऐसे में इस पूरे मामले के बाद अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर NEET परीक्षा में ही क्यों पेपर लीक के मामले सामने आते हैं. NTA, JEE Mains की परीक्षा का भी आयोजन करता है पर कभी पेपर लीक नहीं होता. क्यों? तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ा कारण. 

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नीट और जेईई मेन परीक्षा पैटर्न में अंतर. (Photo-ITG)
नीट और जेईई मेन परीक्षा पैटर्न में अंतर. (Photo-ITG)

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर से सवालों के घेरे में है और वजह है पेपर लीक के बाद रद्द हुई परीक्षा. साल 2024 के बाद अब 2026 में एक बार फिर से NEET को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है. इस परीक्षा में करीब 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था. लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि NTA की ओर से जेईई की परीक्षा का भी आयोजन होता है लेकिन केवल NEET का ही पेपर क्यों लीक होता है. क्या वजह है कि JEE Main का पेपर लीक नहीं होता है. हालांकि, JEE Main जैसी परीक्षा में इस तरह की शिकायतें बहुत कम सामने आती हैं. इसकी वजह है दोनों परीक्षाओं का पेपर पैटर्न. 

कैसे होता है दोनों पेपर का आयोजन? 

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से NEET और JEE Mains के पेपर का आयोजन होता है. लेकिन आज भी NEET परीक्षा पेन-पेपर मोड में होती है जो सबसे बड़ा कारण होता है पेपर लीक का. इनमें लाखों प्रश्नपत्रों को छापना, उन्हें विभिन्न शहरों तक पहुंचाने  और सुरक्षित रखना बहुत बड़ा टास्ट बन जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कई लेवल शामिल होते हैं जिसमें कई लोगों का संपर्क भी होता है जिससे पेपर लीक का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, JEE Mains की परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित होता है जिसके कारण लीक का खतरा कम हो जाता है. प्रश्नपत्र सुरक्षित एन्क्रिप्टेड सर्वर पर रखे जाते हैं और परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही डिजिटल तरीके से खोले जाते हैं. 

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शिफ्ट का भी होता है असर 

वहीं, NEET परीक्षा का आयोजन देशभर में एक ही दिन, एक ही प्रश्नपत्र के साथ होता है. मतलब साफ है कि अगर कहीं एक जगह पर पेपर में गड़बड़ी मिलती है, तो पूरी परीक्षा को रद्द करना होता है. JEE Main के परीक्षा का आयोजन कई दिनों और कई शिफ्टों में किया जाता है. इसके अलावा हर शिफ्ट में अलग-अलग पश्न पूछे जाते हैं. 

सुरक्षा के व्यवस्था में कमी 

NEET के लिए करीब 5000 परीक्षा केंद्र बनाएं जाते हैं जिसमें बड़ी संख्या में स्कूलों और कॉलेजों को शामिल किया जाता है. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में हर जगह सुरक्षा एक जैसी नहीं होती है. इसके विपरीत JEE Main सीमित और विशेष डिजिटल परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होती है. यहां पर CCTV समेत डिजिटल तरीके की सुविधाएं मौजूद होती हैं. 

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