मेटा में नौकरी कर रहे लोगों को अब छंटनी का सामना करना पड़ेगा. लंबे समय से चल रहे अफवाहों के बाद अब मेटा ने छंटनी ने कंफर्म कर दिया है. कंपनी के चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल की ओर से आए एक ईमेल ने हजारों कर्मचारियों के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. मेटा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 20 मई, 2026 को वह अपने वैश्विक कार्यबल में बड़ी कटौती करने जा रही है. माना जा रहा है कि मेटा 8 हजार कर्मचारियों की छंटनी करने वाला है लेकिन इसके पीछे का गणित कुछ और ही कह रहा है.
10 प्रतिशत कर्मचारियों की होगी छंटनी
ईमेल में मेटा ने कहा है कि वह अपने कुल कर्मचारियों के 10 प्रतिशत हिस्से यानी लगभग 8,000 लोगों को नौकरी से निकाल रही है. लेकिन अगर आप आंकड़ों की गहराई में जाएं, तो यह संख्या 14,000 तक पहुंच रही है. कैसे? मार्क जकरबर्ग के नेतृत्व वाली इस कंपनी में वैश्विक स्तर पर लगभग 79,000 कर्मचारी काम करते हैं. इसका मतलब है कि लगभग 8,000 कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी. 20 मई, 2026 के बाद वे मेटा के कर्मचारी नहीं रहेंगे और उन्हें नई नौकरी ढूंढनी होगी. कंपनी ने न केवल मौजूदा कर्मचारियों को निकाला है, बल्कि 6,000 ऐसे पदों को भी खत्म कर दिया है जिन्हें भरा जाना था. भले ही ये पद खाली थे, लेकिन जॉब मार्केट के लिए ये 6,000 अवसर उन लोगों के लिए एक लाइफलाइन हो सकते थे जो पहले से ही टेक सेक्टर में मंदी की मार झेल रहे हैं.
14 हजार नौकरियां खत्म
आमतौर पर छंटनी का मतलब होता है नौकरी से निकाले हुए लोग. लेकिन यहां एक और बड़ा नुकसान है, जिसे समझना जरूरी है जो है 6,000 खाली पदों का खत्म होना. खाली पदों का मतलब ये होता है कि जिन्हें कंपनी भरने के लिए इंटरव्यू ले रही थी. मुमकिन है कि इन पर पहले कोई काम करता था जिसने इस्तीफा दे दिया हो या कंपनी अपना काम बढ़ाना चाहती थी. मेटा ने भले ही सिर्फ 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है, लेकिन एक तरह से उसने अपने वैश्विक कार्यबल में 14,000 की कमी कर दी है. क्योंकि कंपनी की इन पदों के लिए भर्ती करने की कोई योजना नहीं है और मेटा ने ऐसा क्यों किया? इसका कारण वही है जिसके लिए हर दूसरी कंपनी लोगों को नौकरी से निकाल रही है एआई.
मेटा ने नहीं किया एआई का जिक्र
हालांकि, मेटा ने सीधे तौर पर AI का जिक्र नहीं किया है. नोटिस में लिखा है कि इससे उन्हें अपने अन्य निवेशों की भरपाई करने में मदद मिलेगी. जानकारी के लिए बता दें कि मेटा AI में करोड़ों डॉलर खर्च कर रही है. मैनस AI जैसी AI स्टार्टअप कंपनियों को खरीदने से लेकर CEO मार्क जकरबर्ग का AI अवतार बनाने तक, कंपनी की कई बड़ी योजनाएं हैं और जाहिर तौर पर इन योजनाओं के लिए बलिदानों की जरूरत है. सिर्फ नौकरियों का ही नहीं कंपनी अब अपने कर्मचारियों के माउस मूवमेंट और कीस्ट्रोक्स को ट्रैक करने की योजना बना रही है, जिससे एआई को काम करने में और बेहतर बनाया जा सके. एक तरह से कर्मचारी अब उस एआई को प्रशिक्षित कर सकते हैं जो संभावित रूप से उनकी जगह ले सकता है. पिछले रिपोर्टों के मुताबिक, मेटा आने वाले हफ्तों में 8000 और लोगों को निकाल सकती है, जिससे ये संख्या बढ़कर 22,000 हो जाएगी.