आज के समय में जहां छंटनी ने लोगों को परेशान कर दिया कोई कैसे अपनी अच्छी-खासी हाई पेइंग जॉब छोड़कर पैलेंटियर में आ सकता है? ये सुनने में सपने जैसा लग रहा है लेकिन ये सच्चाई है. दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल में नौकरी करना लोगों का सपना होता है लेकिन एक भारतीय इंजीनियर ने अपनी गूगल में सुरक्षित और हाई पेइंग जॉब छोड़कर पैलेंटियर जॉइन कर लिया. इसके बाद उनके इस फैसले को लेकर हैरान है और पूछ रहे है कि आखिर इसके पीछे क्या वजह है.
कौन हैं अनु शर्मा?
बता दें कि अनु शर्मा भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं जिन्होंने इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई की है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेंगलुरु के किसी कंपनी में इंटर्नशिप के साथ की थी.
इसके बाद उन्होंने गूगल जॉइन किया जिसमें उन्होंने 4 और महीने की इंटर्नशिप की. इसके बाद करीब एक साल काम करने के बाद उन्हें गूगल में फुल टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करना शुरू किया और एक साल बाद ही उन्होंने दूसरी कंपनी जॉइन कर ली.
यहां से की नई शुरुआत
अब अनु पैलेंटियर टेक्नोलॉजीज में फॉरवर्ड डिप्लॉयड सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका निभा रही हैं. पैलेंटियर एक डेटा एनालिटिक्स कंपनी है, जिसकी स्थापना 2003 में पीटर थिएल और उनके साथियों ने की थी. यह कंपनी खासतौर पर सरकारी और डेटा-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स पर काम करती है.
इस क्षेत्रों में बनाई पकड़
केवल नौकरी ही नहीं बल्कि वह एक एक्टिव कंटेट क्रिएटर भी हैं. टेक्निकल ब्लॉगिंग करती हैं और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़ी जानकारी भी शेयर करती हैं. उनके सोशल मीडिया पर बी अच्छे फॉलोअर्स हैं. इंस्टाग्राम पर 2.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और लिंक्डइन पर करीब 2.38 लाख फॉलोअर्स हैं.
हर कोई है हैरान
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई शर्मा ने X की एक मिलती-जुलती पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर करते हुए हाथ जोड़ने वाला इमोजी लगाया. इस प्रतिक्रिया से पता चलता है कि उन्हें पोस्ट पर मिल रही प्रतिक्रिया की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया. हालांकि, पोस्ट पर यूजर ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं. कुछ ने उनके करियर पथ को उद्योग में प्रवेश करने वाले डेवलपर्स के लिए एक आदर्श बताया. वहीं, अन्य लोगों ने इस चर्चा का उपयोग बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों में हायरिंग प्रक्रिया की प्रकृति पर टिप्पणी करने के लिए किया.