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10वीं के बाद क्या लें? साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स... ये 3 सवाल देंगे आपके हर कन्फ्यूजन का जवाब

10वीं की परीक्षा के बाद स्ट्रीम चयन को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भ्रम रहता है. यहां साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के करियर विकल्पों और उनकी विशेषताओं को विस्तार से समझाया गया है. साइंस में इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेटा साइंस जैसे विकल्प हैं, कॉमर्स में CA, MBA, स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट जैसे करियर, जबकि आर्ट्स में UPSC, लॉ, जर्नलिज्म जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं.

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10वीं के बाद साइंस-कॉमर्स के चक्रव्यूह से ऐसे निकलें. (Photo: Getty)
10वीं के बाद साइंस-कॉमर्स के चक्रव्यूह से ऐसे निकलें. (Photo: Getty)

अभी 10वीं की परीक्षाएं चल रही हैं या कुछ बोर्ड की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं. अब इसके साथ ही शुरू हो गई है घर-घर में वो 'महापंचायत' जिसका मुद्दा है,  'मेरा बच्चा क्या बनेगा?' कोई कहता है इंजीनियर बना दो, कोई कहता है सीए (CA) में स्कोप है किसी को बच्चे को डॉक्टर बनाना है. लेकिन याद रखिए, हर स्ट्रीम अपने आप में बेहतर है, बशर्ते आपका इंटरेस्ट उसमें हो. आइए जानते हैं कैसे चुननी चाहिए स्ट्रीम. 

साइंस: सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर ही नहीं, और भी है दुनिया

अगर आपको कुदरत के रहस्यों, मशीनों की बनावट या बीमारियों के इलाज में दिलचस्पी है तो साइंस आपके लिए है. इसमें दो रास्ते हैं पहला PCM (Physics, Chem, Maths) उनके लिए जो इंजीनियरिंग या डेटा साइंस चाहते हैं. वहीं PCB (Physics, Chem, Biology) उनके लिए जो मेडिकल या बायोटेक में जाना चाहते हैं.

इसमें करियर की बात करें तो AI एक्सपर्ट, एस्ट्रोफिजिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर और रिसर्च क्षेत्र में करियर बना सकते हैं. ध्यान रखें कि अगर आप मैथ्स और लॉजिक से प्यार करते हैं, तभी इधर आएं. केवल 'ऊंचे पैकेज' के चक्कर में साइंस लेना भारी पड़ सकता है.

कॉमर्स: पैसों की भाषा समझने का हुनर

अगर आपको नंबरों से खेलना पसंद है और आप समझना चाहते हैं कि शेयर बाजार कैसे गिरता है या कोई कंपनी मुनाफा कैसे कमाती है, तो कॉमर्स बेस्ट है. इसमें मेन सब्जेक्ट्स अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज और इकोनॉमिक्स हैं.

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इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), इनवेस्टमेंट बैंकर, कंपनी सेक्रेटरी (CS), मैनेजमेंट (MBA) और स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट जैसे करियर बना सकते हैं. ये स्ट्रीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बिजनेस माइंडसेट रखते हैं और जिनका कैलकुलेशन सटीक है.

आर्ट्स/ह्यूमैनिटीज: अब यह 'बैकअप' नहीं, 'पावरहाउस' है

वो जमाना गया जब आर्ट्स को कम नंबर वालों की स्ट्रीम माना जाता था. आज के दौर में सबसे ज्यादा 'डायवर्स' करियर इसी में हैं. इसमें हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी और सोशियोलॉजी मेन सब्जेक्ट हैं. अगर करियर की बात करें तो आईएएस/आईपीएस (UPSC), लॉ (Law), जर्नलिज्म, ग्राफिक डिजाइनिंग, साइकोलॉजिस्ट और इंटरनेशनल रिलेशंस जैसे क्षेत्र आपके स्वागत को तैयार रहते हैं.

बता दें कि अगर आप समाज को बदलने का जज्बा रखते हैं और आपकी राइटिंग व थिंकिंग स्किल्स अच्छी हैं, तो आर्ट्स आपके लिए सोने की खान है.

स्ट्रीम चुनने से पहले लें राय 

प्रोफेशनल काउंसलर की राय लें. अगर उलझन ज्यादा है, तो एक एप्टीट्यूड टेस्ट दें. भारत सरकार का 'National Career Service' (NCS) पोर्टल इसमें मुफ्त मदद करता है. यहां हम आपको उसका डायरेक्ट लिंंक दे रहे हैं.  

ये है डायरेक्ट लिंक: NCS Portal

अपनी ताकत पहचानें, क्या आप घंटों लैब में बैठ सकते हैं? या आपको फाइलों और डेटा के साथ काम करना पसंद है? NCERT की 'करियर गाइडेंस' पोर्टल की मदद लें जो छात्रों की रुचि पहचानने में मदद करती है.

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भीड़ चाल से बचें, दोस्त ने साइंस ली है, इसलिए मैं भी लूंगा यह करियर की सबसे बड़ी गलती है. हर इंसान की 'लर्निंग एबिलिटी' अलग होती है.

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