AI के दौर में न केवल जॉब मार्केट को मजबूती मिल रही है बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. बदलते दौर के साथ जहां शिक्षा और टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही हैं, वहीं एक नया नाम चर्चा में बना हुआ है जिसे AI अल्फा स्कूल (AI Alpha School) के नाम से जानते हैं. यह स्कूल अपनी अनोखी पढ़ाई के मॉडल के कारण सुर्खियों में है, जहां छात्रों को सिर्फ 2 घंटे की पढ़ाई के साथ हाई-इनकम स्किल्स सिखाने का दावा किया जा रहा है. कहा जाता है कि यहां पढ़ाई का तरीका पारंपरिक शिक्षा से बिल्कुल अलग है और इसमें AI का इस्तेमाल कर छात्रों को भविष्य की नौकरियों और कमाई के लिए तैयार किया जाता है. यही वजह है कि यह मॉडल तेजी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.
इतना ही नहीं यह स्कूल वादा करता है कि यहां से पासआउट होने के बाद बच्चा ग्रेजुएशन तक करोड़ों रुपये की कमाई कर लेगा. इस स्कूल में केवल 2 घंटे की पढ़ाई होती है और बाकी टाइम उन्हें असली दुनिया की स्किल्स सिखाई जाती है.
कहां है ये स्कूल?
बता दें कि अल्फा स्कूल संयुक्त राज्य अमेरिका में एक नया प्राइवेट स्कूल नेटवर्क है, जो अपने आधुनिक और अलग पढ़ाने के तरीके की वजह से दुनिया भर में चर्चा में है. इस स्कूल को कई बड़े और प्रभावशाली लोगों का समर्थन भी मिला है. यहां पढ़ाई का तरीका पारंपरिक नहीं है. इसमें AI आधारित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है, जो हर छात्र के हिसाब से पढ़ाई को आसान और व्यक्तिगत बनाता है.
कब हुई थी इसकी शुरुआत ?
AI-पावर्ड अल्फा स्कूल की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. ये स्कूल आम स्कूल से बिल्कुल हटकर है. यहां पर मौजूद ट्यूटर हर छात्र पर ध्यान देते हैं. वे पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि छात्रों को निर्देश देने के बजाय उनकी सहायता करते हैं. बता दें कि अल्फा स्कूल में पढ़ाई का काम एआई-संचालित सॉफ्टवेयर संभालता है, जो दावा करता है कि पूरे दिन के मुख्य विषय केवल दो घंटों में पढ़ाएं जा सकते हैं. इस मॉडल में छात्रों को लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर पढ़ने की जरूरत नहीं होती.
क्या है पढ़ाई का मॉडल?
अल्फा स्कूल में सुबह के 2 घंटे AI से मैथ्य, साइंस समेत जरूरी सबजेक्ट की क्लास लेनी होती है. फिर दोपहर में प्रोजेक्ट्स, पैशन और रियल-वर्ल्ड स्किल पर फोकस किया जाता है. स्कूल की ट्यूशन फीस 40,000 डॉलर (करीब 37 लाख रुपये) सालाना है. यह स्कूल न सिर्फ पढ़ाता है बल्कि कमाई के कई रास्ते भी खोलता है. बच्चे IXL जैसे AI ऐप या कस्टम टूल से अपनी स्पीड चेक करते हैं और उसे आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. इसमें मास्टरी बेस्ट लर्निंग करवाई जाती है. यहां पर बच्चों को कोई होमवर्क नहीं दिया जाता है. अल्फा स्कूल सबसे बड़ा दावा यह करते हैं कि ग्रेजुएशन तक बच्चे करोड़ों रुपये कमा सकते हैं वरना स्कूल की सारी फीस रिफंड हो जाएगी.