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मैनेजमेंट के 5 सबक जो बड़ी कंपनियां बाबा रामदेव से सीख सकती हैं...

बाबा रामदेव ने 'पतंजलि' को घर-घर में प्रयोग होने वाला एक कॉमन नाम बना दिया है. जानें इनकी सफलता के राज और इससे दूसरी कंपनियां क्या सीख सकती हैं...

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बाबा रामदेव बाबा रामदेव

भारत के कोने-कोने में पतंजलि के प्रोडक्ट्स की धूम है. बहुत ही कम समय में पतंजलि ने बतौर कंपनी ऐसी सफलता हासिल की है जो बहुत कम ही कंपनियों को नसीब होती है. पतंजलि की सफलता का आलम यह है कि आज न सिर्फ विदेशी बल्कि भारतीय कंपनियों के भी पसीने छूट गए हैं.

बाबा रामदेव के शब्दों में, 'पतंजलि के स्वदेशी अभियान को हमने 5000 करोड़ तक पहुंचाया और अगले साल 10,000 करोड़ से ज्यादा का लक्ष्य रखा है. यानी एक साल में हमारा लक्ष्य 150 फीसदी तक बिजनेस को बढ़ाना है.'

वाकई एकदम निचले स्तर से शुरुआत कर बाजार में पहले से मौजूद कंपनियों को बड़ी टक्कर देना, वह भी बिना किसी नामी चेहरे के, बिजनेस में एक बड़ी सफलता गिनी जाएगी. बेशक यह सफर आसान नहीं था और अब जब बाबा ने इसे पा ही लिया है तो जानें कि इससे दूसरी कंपनियां क्या 5 खास सबक सीख सकती हैं -

1. बिजनेस की समझ और काम पर पकड़
किसी भी बिजनेस की सफलता काम की सही जानकारी पर निर्भर करती है. आप एक सफल बिजनेसमैन तभी बन सकते हैं जब आपकी अपने काम के ऊपर पूरी पकड़ होगी. पतंजलि की सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह यह रही कि योग गुरु बाबा रामदेव को योग समेत आयुर्वेद की पूरी जानकारी है. उन्हें हमेशा से पता था लोग किन चीजों को हाथों-हाथ लेंगे. 

2. सही टाइमिंग
बाजार को समझकर ग्राहकों की डिमांड के मुताबिक प्रोडक्ट बाजार में उतारना एक कुशल बिजनेसमैन की पहचान है. बाबा रामदेव को उनकी सही टाइमिंग के लिए पूरे-पूरे नंबर मिलने चाहिए. जब देश भर में मैगी के सैंपल फेल हो रहे थे और उस पर बैन लग गया तब बाबा रामदेव ने पतंजलि नूडल्स बाजार में उतार दिए.

3. ग्राहकों की समझ
किसी भी बिजनेस के लिए ग्राहकों की समझ होना बेहद जरूरी है. एक बिजनेसमैन को पता होना चाहिए कि उसके ग्राहक कौन हैं और वे क्या चाहते हैं? क्या उन्हें वो मिल रहा है जिसकी उम्मीद वो आपसे रखते हैं? बाबा रामदेव लोगों की नब्ज पहचानते हैं. वो वही कहते हैं जो लोग सुनना चाहते हैं. वो अकसर, स्वदेशी, सत्याग्रह और विदेशी कंपनियां हमारे देश को लूट रही हैं जैसी बातें कहते रहते हैं. इन बातों को असर भी होता है और लोग सीधे उनसे जुड़ जाते हैं. 

4. अच्छा लेकिन सस्ता सामान
कम कीमत में अगर अच्छी चीज मिले तो ग्राहक खींचे चले आते हैं. पतंजलि के प्रोडक्ट्स के साथ भी कुछ ऐसा ही है. रामदेव अपने विज्ञापनों में दूसरी कंपनी के प्रोडक्ट्स और अपने प्रोडक्ट्स की कीमत की तुलना करते रहते हैं. उन्होंने लोगों को बहुत ही सीधे सरल ढंग से समझा दिया है कि फलां कंपनी का शहद महंगा है और उनका शहद सस्ता. यही वजह है कि आज पतंजलि के प्रोडक्ट्स घर-घर की जरूरत बन गए हैं.

5. कोई ब्रांड एम्बेसडर नहीं, नाम ही काफी है
आमतौर पर सभी कंपनियां प्रोडक्‍ट की घर-घर तक पहचान बनाने के लिए एक परिचित सितारे को प्रोडक्‍ट का एम्‍बेसडर बना देती हैं. ब्रांड एम्‍बेसडर बनाने में एक मोटी रकम भी कंपनी लगाती है. यह फॉर्मूला हिट भी है. लेकिन बाबा रामदेव ने इससे परे हटकर अपने प्रोडक्‍ट को देसी अवतार में उतारते हुए उसकी क्‍वालिटी पर ध्‍यान दिया. आज नतीजा सबके सामने है.

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