ट्रांसपोर्ट का जबरन ठेका हासिल और विवादित संपत्तियों को खरीद-फरोख्त कर कब्जा करने का आरोप. जेल में बंद गैंगस्टर सुंदर भाटी और उसके साथियों द्वारा कई कंपनियों के प्रबंधकों को डरा धमका कर उनसे रंगदारी वसूलने, ट्रांसपोर्ट का जबरन ठेका हासिल करने के मामले की जांच में यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट को उस समय एक बड़ी सफलता मिली, जब उन्होंने सुंदर भाटी गैंग के सदस्य और वांछित चल रहे आरोपी सतवीर बंसल को घंघोला के पास से गिरफ्तार कर लिया. यूपी एसटीसी ने यह गिरफ्तारी थाना साईट-5 पुलिस के सहयोग से की है.
एसटीएफ की गिरफ्त में आए आरोपी का नाम सतबीर बंसल है. सतबीर पर आरोप है कि वह एक संगठित गिरोह बनाकर, कुख्यात सुंदर भाटी की मदद से कंपनियों में ट्रांसपोर्ट का ठेका हासिल करता था.
जेल में भी सुंदर भाटी सक्रिय
इसके अलावा वह विवादित संपत्तियों को खरीद-फरोख्त कर उन्हें अपने नाम कर लेता था. इसका सीधा लाभ जेल में बंद सुंदर भाटी को मिलता था, जो जेल में बंद होने के बावजूद जेल से अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा है. यूपी एसटीएफ़ के सीओ ने बताया की सतवीर पर इसी प्रकार के एक केस में थाना इकोटेक में मुकदमा चल रहा है. इसमें वह वांछित चल रहा है.
इससे पहले भी नोएडा पुलिस ने सुंदर भाटी गैंग द्वारा चलाए जा रहे रंगदारी और जबरन ठेकेदारी हासिल करने के कई मामलों का खुलासा करते हुए उसके भतीजे अनिल भाटी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इसमें 3 सदस्य फरार बताए जा रहे हैं.
सुंदर भाटी गैंग को झटका
इसलिए यूपी-एसटीएफ़ के सतबीर बंसल की गिरफ्तारी से सुंदर भाटी गैंग पर झटका लगा है. इससे उस पर शिकंजा और कड़ा हुआ है. इस दौरान कुछ अफसरों, कर्मियों, नेता और उन लोगों के नाम भी प्रकाश में आए जो सुंदर भाटी को परोक्ष रूप से सहयोग देते हैं. इस एवज में गिरोह से उन्हें मोटी रकम मिलती है. पुलिस ऐसे सभी लोगों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.