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मनी लॉन्ड्रिंग केस: JKCA के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा गिरफ्तार

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • ईडी ने अहसान अहमद मिर्जा को किया गिरफ्तार
  • 43 करोड़ रुपये की राशि के गलत इस्तेमाल को लेकर गिरफ्तार

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने कहा कि जेकेसीए के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के करीबी रहे मिर्जा को बुधवार रात धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया. इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई में फारूक अब्दुल्ला से पूछताछ की थी.

अहसान अहमद मिर्जा को 43 करोड़ रुपये की राशि के गलत इस्तेमाल को लेकर गिरफ्तार किया है. सितंबर 2015 में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई. इसे लेकर जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने आदेश दिया था. यह घोटाला साल 2012 में सामने आया था, जिसके बाद श्रीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी.

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एक साल पहले सीबीआई ने अब्दुल्ला के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जो उस वक्त जम्मू-कश्मीर क्रिकेट असोसिएशन के अध्यक्ष थे. सीबीआई ने आरोप लगाया कि साल 2002 से 2011 के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और क्रिकेट को प्रोमोट करने के लिए राज्य असोसिएशन को 112 करोड़ रुपये दिए थे.

इस राशि में से 43.69 करोड़ रुपये का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया. सीबीआई के मुताबिक तत्कालीन असोसिएशन अध्यक्ष ने कोषाध्यक्ष और अन्यों के साथ मिलकर फंड की हेरा-फेरी की. ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि तत्कालीन कोषाध्यक्ष जांच के दौरान लेनदेन को साबित नहीं कर पाए. मनी लॉन्ड्रिंग में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

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