ग्रेटर नोएडा में गौरव चंदेल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. नोएडा पुलिस और हापुड़ पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी का नाम उमेश है जो बुलंदशहर के रायपुर का रहने वाला है, इसे हापुड़ के धौलाना से गिरफ्तार किया गया है. वहीं, एक महिला भी गिरफ्तार हुई है. ये दोनों आशु गैंग के बदमाश हैं.
आशु गैंग कारजैकिंग, लूट, फिरौती, हत्या की वारदातों को अंजाम देता है. गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. फिलहाल नोएडा पुलिस हापुड़ में मौजूद है और वहीं पूछताछ की जा रही है. बता दें कि गिरफ्तार आरोपी उमेश मिर्ची गैंग का एक्टिव सदस्य है.
Hapur: One, Umesh has been arrested in connection with the murder of Gaurav Chandel, by Noida STF and Hapur Police. Chandel was shot dead in Noida Sector 123 on January 7. Investigation underway.
— ANI UP (@ANINewsUP)
जीवन यापन के लिए नौकरी की अपील
वहीं, इस मामले पर गौरव चंदेल की पत्नी प्रीति चंदेल ने बताया कि उनको पुलिस ने सूचित किया है कि एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी को जल्द ही पुलिस की टीम गिरफ्तार कर लेगी, ऐसा पुलिस का कहना है. साथ ही प्रीति ने बताया कि सरकार द्वारा उनको की गई आर्थिक मदद जिंदगी चलाने के लिए काफी नहीं है, सरकार से अपील है कि उनको सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे वह अपने परिवार का खर्चा चला सके.
आरोपी उमेश गिरफ्तार
बता दें, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी और एक निजी कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव चंदेल की 7 जनवरी को उनके घर के पास ही लूट के बाद हत्या कर दी गई थी. शक है कि हत्यारे कारजैकर्स (कार लूटने वाले) गिरोह के सदस्य थे, जिन्होंने पुलिस के वेश में रात में परथला चौक के पास गौरव को रोका था. गौरव गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित अपने ऑफिस से गौर सिटी स्थित घर लौट रहे थे.
अभी कुछ दिन पहले की मसूरी पुलिस ने आकाश नगर कॉलोनी से गौरव चंदेल की कार लावारिस हालत में खड़ी बरामद की थी. बरामदगी के वक्त कार का दरवाजा लॉक था.
हफ्ते भर पहले गाजियाबाद के चिराग अग्रवाल की कार को पुलिस ने बरामद किया था. यह कार उसी जगह से लावारिस हालत में बरामद की गई, जहां से के गौरव चंदेल की कार मिली थी. पुलिस ने आशंका जताई है कि गौरव चंदेल के कातिलों के तार गाजियाबाद से जुड़े हो सकते हैं.
गाजियाबाद पुलिस ने मसूरी थाना क्षेत्र में आकाश नगर इलाके में गौरव चंदेल की कार से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर चिराग अग्रवाल की टियागो कार को बरामद किया. कार की नंबर प्लेट बदली गई थी, लेकिन कार पर लगे स्टिकर पर कार का सही नंबर लिखा हुआ मिला.
दफ्तर से लौटते वक्त रात में रहस्यमय हालात में कार के साथ गायब हो गए थे. बाद में उनका शव परिजनों ने ढूंढा था. पुलिस ने रात में कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया था और लोगों को थाने से बैरंग वापस भेज दिया था. इसके बाद गौरव के घर वालों ने ही उनका शव बरामद किया था.
हत्यारे गौरव के शव को मौके पर ही फेंक गए थे. जबकि गौरव की एकदम नई कीमती कार हत्यारे अपने साथ ले गए. बाद में मेरठ मंडल की आयुक्त अनिता सी मेश्राम और मेरठ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह (अब गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त) ने के कोतवाल सहित तीन-चार दारोगा और चौकी इंचार्ज सस्पेंड कर दिए. जबकि जांच कोतवाली बिसरख पुलिस से छीनकर एसटीएफ के हवाले कर दी गई थी.