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Ashok Kharat Video: अशोक खरात के 17 अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, 20 रुपये में पर्सनल नंबर पर भेज देते थे, केस दर्ज

Ashok Kharat News: महाराष्ट्र में अशोक खरात वीडियो मामले में साइबर सेल ने आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत FIR दर्ज की है. 15–17 आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया और पोर्न साइट्स पर वायरल किए गए. कुछ मामलों में वीडियो देखने के लिए 20–50 रुपये वसूले गए. पुलिस के अनुसार, इससे पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर हुई है. साइबर प्रमुख यशस्वी यादव ने कहा कि जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी होगी.

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17 अश्लील वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर वायरल किए गए. Photo ITG
17 अश्लील वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम पर वायरल किए गए. Photo ITG

महाराष्ट्र में चर्चित अशोक खरात वीडियो मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. महाराष्ट्र साइबर सेल ने अशोक खरात और पीड़िताओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. यह मामला आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया है. जांच एजेंसी ने चार अलग-अलग सोशल मीडिया लिंक के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनके जरिए ये वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे. जानकारी के अनुसार, अशोक खरात से जुड़े 15 से 17 अश्लील वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और पोर्न साइट्स पर वायरल किए गए.

चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ मामलों में इन वीडियो को देखने के इच्छुक लोगों से 20 से 50 रुपये प्रति वीडियो वसूले जा रहे थे. भुगतान करने के बाद संबंधित लोगों को ये वीडियो भेजे जाते थे. पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो के प्रसार से कई पीड़ित महिलाओं की पहचान भी उजागर हो गई है, जिससे उनकी निजता पर गंभीर असर पड़ा है.

महाराष्ट्र साइबर के प्रमुख यशस्वी यादव ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.

रूपाली चाकणकर से 177 बार बात
महाराष्ट्र में दुष्कर्म के आरोपी अशोक खारत का मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बनता जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि उन्होंने खारत के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से विश्लेषण किया है. इसके आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर 'सुविधा की राजनीति' करने का आरोप लगाया.

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दमानिया के अनुसार, उन्होंने एआई आधारित लार्ज लैंग्वेज मॉडल 'क्लॉड' का इस्तेमाल कर यह समझने की कोशिश की कि खारत ने किन-किन लोगों से कितनी बार संपर्क किया. उनका कहना है कि उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया, बल्कि एक्सेल डेटा को एआई टूल के जरिए जांचने के बाद ही संबंधित जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई.

उन्होंने दावा किया कि खारत, जो 18 मार्च से जेल में है, की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से 17 बार बातचीत हुई, जबकि रूपाली चाकणकर से 177 बार संपर्क हुआ. इसके अलावा सुनील तटकरे, चंद्रकांत पाटिल और आशीष शेलार जैसे नेताओं के नाम भी सामने आने की बात कही गई है.

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