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पहले पब में की पार्टी, फिर 60 KM चलाई कार... युवराज मेहता की मौत से पहले आखिरी 6 घंटे की सिलसिलेवार कहानी

नोएडा हादसे में जान गंवाने वाले युवराज मेहता की मौत से पहले के आखिरी 6 घंटे अब जांच का केंद्र बन गए हैं. SIT की रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर उस रात की पल-पल की कहानी सामने आई है. इस तरह बार में ऑफिस पार्टी से लेकर आखिरी लोकेशन तक, युवराज ने करीब 60 किमी कार चलाई.

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नोएडा में जान गंवाने वाले युवराज मेहता की आखिरी रात की टाइमलाइन सामने आई है. (Photo: ITG)
नोएडा में जान गंवाने वाले युवराज मेहता की आखिरी रात की टाइमलाइन सामने आई है. (Photo: ITG)

नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे में युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित SIT हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है. आजतक के पास घटना वाले दिन की पल-पल की जानकारी मौजूद है. SIT की विस्तृत जांच रिपोर्ट में 16 जनवरी की रात की पूरी सिलसिलेवार कहानी दर्ज की गई है.

जांच के मुताबिक, 16 जनवरी को ऑफिस से निकलने के बाद युवराज सबसे पहले गुरुग्राम के सेक्टर-43 स्थित Manhattan Bar & Restro पहुंचा. यहां ऑफिस पार्टी चल रही थी और उसके दोस्त पहले से मौजूद थे. बार का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें युवराज टेबल नंबर 18 पर बैठकर शराब पीते हुए नजर आ रहा है.

करीब तीन घंटे तक पार्टी करने के बाद युवराज रात 9:44 बजे बार से बाहर निकला. इसके बाद उसकी गतिविधियां लगातार अलग-अलग CCTV कैमरों में कैद होती रहीं. जांच में सामने आया कि रात करीब 11 बजे युवराज की कार महामाया फ्लाईओवर से दिल्ली की ओर से परी चौक की तरफ तेज रफ्तार में जाती हुई दिखाई दी.

इसके कुछ ही मिनट बाद, रात 11:08 बजे युवराज की कार सफीपुर चौराहा से सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन की ओर जाते हुए कैमरे में कैद हुई. रात 11:12 बजे सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन के पास उसकी कार फिर से नजर आई. इसके बाद 11:25 बजे सेक्टर-100 स्थित प्रतीक बिल्डिंग के पास और 11:26 बजे सेक्टर-105 के लोटस बुलेवार्ड के पास कार की लोकेशन सामने आई. 

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Yuvraj Mehta Death Case

यही युवराज मेहता की आखिरी रिकॉर्डेड मूवमेंट थी. इसी दौरान नोएडा सेक्टर-150 में एक बड़ा हादसा हो गया. उसकी कार घने कोहरे में फिसल गई और नाले की बाउंड्री तोड़ते हुए एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे, पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. चश्मदीदों के मुताबिक, युवराज ने करीब दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाई.

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और बचावकर्मी उसे बचा नहीं सके. शनिवार को फायर डिपार्टमेंट, पुलिस, SDRF और NDRF की लंबी मशक्कत के बाद युवराज का शव बरामद किया गया. NDRF ने पानी में डूबी कार को खोजने के लिए नावों और गोताखोरों की मदद ली. हादसे के तीन दिन बाद मंगलवार शाम को आखिरकार कार को बाहर निकाला गया.

इस मामले में पहले ही एक रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस के मुताबिक, MZ विज़टाउन प्लानर्स के डायरेक्टर अभय कुमार को सेक्टर-150 से गिरफ्तार कर छह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है.

Yuvraj Mehta Death Case

एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ग्रेटर नोएडा) हेमंत उपाध्याय ने बताया था कि इस मामले में लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. हालांकि दूसरी आरोपी फर्म MZ विजटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ के खिलाफ अब तक किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय SIT की अगुवाई ADG मेरठ जोन भानु भास्कर कर रहे हैं. टीम में मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और PWD के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा भी शामिल हैं. SIT को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है. SIT ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा किया. 

ADG भानु भास्कर ने कहा कि नागरिक प्राधिकरण, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की भूमिका की जांच की जा रही है. यह भी तय किया जाएगा कि गलती कहां हुई और हादसे को रोका जा सकता था या नहीं. SIT पीड़ित के पिता से भी बातचीत करेगी. इस हादसे के बाद सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को पद से हटाकर वेटलिस्ट में डाल दिया. 

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