भारत मंडपम में AI समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ा खुलासा किया है. उसने दावा किया है कि ये देश को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश के तहत किया गया प्रदर्शन था. इसके तार कई राज्यों में फैले हैं, इसलिए इसकी आगे की जांच क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल करेगी.
इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया. उनमें यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं. उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी को AI इम्पैक्ट समिट के दौरान सुरक्षा घेरा भंग करने की एक पूर्वनियोजित कोशिश का मामला सामने आया था.
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों और आयोजकों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में तिलक मार्ग थाने में FIR नंबर 19/2026 भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2), 121(1), 132, 190, 195(1), 221, 223(A), 196, 197 और 3(5) के तहत दर्ज की गई.
हालांकि, बाद में जांच के दौरान धाराएं 191(1) और 192 भी जोड़ी गईं. स्पेशल सीपी क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है. कार्यक्रम स्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों में कई संदिग्धों की मौजूदगी दर्ज हुई है. इसके अलावा भी कई लोगों की भी पहचान की गई है.
इन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को सहायता उपलब्ध कराई थी. गिरफ्तार किए गए लोगों में इंडियन यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हैं. सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई. इसी क्रम में इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल क्राइम ब्रांच की कस्टडी में हैं.
पुलिस का कहना है कि जांच में बहु-राज्यीय कनेक्शन, वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क के संकेत मिले हैं. इसी कारण अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर छापेमारी की जा रही है. अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि सुरक्षा घेरा भंग करने की कोशिश सुनियोजित थी और इसके पुख्ता प्रमाण मिले हैं.