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UP: सिद्धार्थनगर में दबिश के दौरान महिला की गोली लगने से मौत, पुलिस टीम पर हत्या का केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले (Siddharthnagar Uttar Pradesh) में पुलिस टीम पर उसी थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया है, जहां वह तैनात है.

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पुलिस टीम पर दर्ज किया गया है हत्या का केस. पुलिस टीम पर दर्ज किया गया है हत्या का केस.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का मामला
  • गोली लगने से हो गई थी महिला की मौत

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले (UP Chandauli) में पुलिस टीम पर दबिश के दौरान एक युवती की मौत के आरोप का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि सिद्धार्थनगर जिले (Siddharthnagar Uttar Pradesh) के सदर थाने की पुलिस टीम पर एक 50 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या का आरोप लगा है. इस मामले को लेकर परिजनों की तहरीर पर धारा 302 के तहत उसी थाने में केस दर्ज किया गया है, जहां पुलिस की तैनाती है. यह जानकारी जिले के ASP सुरेश चंद्र रावत ने दी.

क्या है पूरा मामला

14—15 मई की दरमियानी रात लगभग साढ़े दस बजे यूपी के सिद्धार्थनगर में सदर थाना क्षेत्र के कोड़रा गांव के टोला इस्लामनगर में रोशनी नामक महिला की मौत गोली लगने से हो गई थी. मृतका रोशनी गांव मे अकेले रहती थी, जबकि परिवार के लोग जीवन यापन के लिए मुंबई में रहते थे. 9 मई को रोशनी की बेटी आयशा की शादी में शामिल होने के लिए 3 बेटे व बेटी गांव आए. 22 मई को आयशा की शादी तय है. इसी बीच बीती रात यह घटना हो गई.

इस मामले में रोशनी का बेटे अतीकुर्रहमान ने बताया कि रात में लगभग दस बजे काफी संख्या में पुलिसकर्मी घर पहुंचे और उसके भाई अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर चल दिए. इसी बीच मां रोशनी ने पुलिसकर्मियों से पूछा कि किस आरोप में बेटे को ले जा रहे हो, वह तो यहां रहता भी नहीं है. किसी तरह के अपराध नहीं करता. यह कहकर मां भाई अब्दुल रहमान से लिपट गई, तभी पुलिसकर्मी गोली मारकर चले गए.

अतीकुर्रहमान ने बताया कि इसके बाद परिजन मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अस्पताल की इमरजेंसी में परिजनों ने इंसाफ की मांग की, लेकिन 1 बजे रात तक कोई अधिकारी नहीं पहुचा. लगभग 2 बजे पुलिस बल के साथ सदर सर्कल के सीओ प्रदीप कुमार यादव पहुंचे. उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की बात कही, लेकिन परिजन मांग करते रहे कि जब तक गिरफ्तार किए गए बेटे को पुलिस अस्पताल नहीं लाएगी, तब तक शव नहीं ले जाने देंगे. कुछ देर बाद 2 पुलिसकर्मी उसे लेकर आए. मौके पर पहुंचे अब्दुल रहमान ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने मां को गोली मारी है. इसके बाद उसे 4 घंटे से थाने में बंद कर रखा था.

सनसनीखेज मामले में क्या बोले पुलिस अधिकारी

अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि इस्लामनगर जो कि कोड़रा ग्रांट क्षेत्र में है, वहां बीती रात एक महिला की मौत गोली लगने से हो गई. परिजनों का आरोप था कि पुलिस की छापेमारी के दौरान फायरिंग से मौत हुई है. इनकी शिकायत पर धारा 302 के तहत पुलिस पार्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पूरी निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे थाने को विवेचना सौंपी गई है. हर बिंदु पर जांच की जा रही है कि घटना क्यों घटी. किस सूचना पर टीम पहुंची थी. किन परिस्थितियों में यह घटना हुई है, पूरी जांच कर निष्पक्षता से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस टीम पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों की मानें तो परिवार के लोग केवल गर्मियों में कुछ दिनों के लिए गांव आते हैं. अभी तक किसी अपराध में इन्हें संलिप्त नहीं पाया गया. ऐसे में अपनी बहन की शादी में शरीक होने के लिए 9 मई को गांव पहुंचे परिवार के युवकों को पुलिस गिरफ्तार करने के लिए क्यों पहुंची. इनकी मां को गोली लगने की परिस्थिति कैसे बनी. गोली लगने के बाद पुलिस टीम महिला के जीवन को बचाने के लिए अस्पताल लाने की जगह संवेदनहीन बनकर क्यों भाग खड़ी हुई. गिरफ्तार किए बेटे को ऐसी स्थिति में भी कई घंटे थाने में बैठाकर रखा. ऐसे कई सवाल घटना को लेकर उठ रहे हैं.

रिपोर्टः अनिल तिवारी

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