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संदिग्ध ISIS आतंकी के गांव में दहशत, घर वालों ने खुद को कर लिया है बंद

काफी मशक्कत के बाद संदिग्ध आतंकी मुस्तकीम की बहन और पत्नी खिड़की पर आईं और उन्होंने बातचीत में मीडिया को ही दोषी ठहराया. हालांकि यह माना कि उनके भाई ने गलती की है और उसने सारी बात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बता दी है. मुस्तकीम की बहन के मुताबिक, परिवार में वह क्या करते थे परिवार के सदस्यों को नहीं मालूम.

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संदिग्ध आतंकी के पिता
संदिग्ध आतंकी के पिता
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राम मंदिर पर हमले की बात से इनकार
  • जाकिर नाइक के वीडियो देखता था आरोपी
  • घरवालों ने मीडिया से बात करने से मना किया

दिल्ली में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी के बलरामपुर स्थित भैसाही गांव में दहशत का आलम है. गांव के लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. 'आजतक' की टीम जब मुस्तकीम (आतंकी का नाम) के घर पहुंची तो उसके परिवार ने बातचीत करने से मना कर दिया. बुजुर्ग पिता कफील जो बरामदे में बैठे थे, उन्हें परिवार के लोग अंदर लेकर चले गए. परिवार के लोगों ने साफ-साफ कहा कि वह मीडिया से नहीं बात करना चाहते.

काफी मशक्कत के बाद संदिग्ध आतंकी मुस्तकीम की बहन और पत्नी खिड़की पर आईं और उन्होंने बातचीत में मीडिया को ही दोषी ठहराया. हालांकि यह माना कि उनके भाई ने गलती की है और उसने सारी बात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बता दी है. मुस्तकीम की बहन के मुताबिक, परिवार में वह क्या करते थे परिवार के सदस्यों को नहीं मालूम. कब्रिस्तान में ट्रायल विस्फोट किया या नहीं किया, यह भी नहीं कह सकते. घर में विस्फोटक कैसे पहुंचा इसकी जानकारी भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बताया. उन्होंने जो गलती की उसे मान भी लिया लेकिन जाकिर नाइक के वीडियो सुनकर जेहादी बनने की बात गलत है. परिवार के मुताबिक राममंदिर को लेकर अयोध्या में धमाके की उसकी योजना की बात भी गलत है.

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ठीक वैसे ही गांव में मुस्तकीम के बारे में कोई बात करना नहीं चाहता है. वह खुद भी बहुत ज्यादा लोगों से ताल्लुकात नहीं रखता था. परिवार के बारे में भी गांव वालों की राय है कि परिवार वहाबी सोच का परिवार है जो बेहद ही कट्ट्रर है. इसलिए गांव के लोग इनसे कटे कटे रहते थे. 'आजतक' की टीम ने उस तालाब और उस कब्रिस्तान को भी देखा जहां से विस्फोटक, फिदाइन जैकेट और बेल्ट मिले थे. उस कब्रिस्तान में जहां मुस्तकीम ने ट्रायल के तौर पर धमाके किए थे. 

मुस्तकीम 8 भाई-बहन में तीसरे नंबर पर था और चुपचाप घंटों-घंटों मोबाइल पर वीडियो देखा करता था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह जाकिर नाइक के वीडियो देख कर वहाबी सोच का बन गया और परिवार भी उसके ही सोच का बन चुका था. लेकिन मुस्तकीम इससे आगे बढ़कर आतंक की राह पर था और अफगानिस्तान, सीरिया और दूसरे मुल्कों के हैंडलर के संपर्क में भी आया. खुद से जिहादी बनने की और जिहादी बन कर कुछ कर गुजरने का यह अलग मामला है जिसमें किसी और की संलिप्तता फिलहाल नहीं मिली है. मुस्तकीम की पत्नी ने बताया था कि पिछले कुछ वक्त से मुस्तकीम लगातार कुछ सामान घर लाता था और बक्से में रखता था. दिल्ली पुलिस ने बक्से में पाइप बम बनाने के सामान बरामद किए जिनमें तकरीबन 30 किलो विस्फोटक थे. ये विस्फोटक भी स्थानीय स्तर पर जुटा रहा था.

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